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ओलंपिक दिवस पर शिमला में मैराथन आयोजित, मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर शिमला में ओलंपिक मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें पुरुष और महिला वर्ग के लगभग 200 खिलाड़ियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा खेलों को बढ़ावा देने, खेल अवसंरचना के विकास और खिलाड़ियों के लिए बढ़ाई गई प्रोत्साहन राशि से संबंधित राज्य सरकार की विभिन्न पहलों की जानकारी दी।

शिमला

ओलंपिक दिवस पर मैराथन का आयोजन

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर मंगलवार को शिमला में ओलंपिक मैराथन का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने आधिकारिक निवास ‘ओक ओवर’ से मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दौड़ सीटीओ मार्ग से होते हुए इंदिरा गांधी खेल परिसर तक आयोजित की गई। मैराथन में पुरुष और महिला वर्ग के लगभग 200 खिलाड़ियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना रहा।

खेलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलें

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

खेल अवसंरचना विकास पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिलासपुर, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जिलों में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ किया गया है। इसके अतिरिक्त हमीरपुर जिले के नादौन में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से खेल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिसके इस वर्ष अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास से प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

पदक विजेताओं के लिए बढ़ाई गई प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार राशि में संशोधन किया है। ओलंपिक, पैरालंपिक और शीतकालीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये की गई है। एशियाई और पैरा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए यह राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रमंडल और पैरा राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से खेलों के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का भी आग्रह किया।