शिमला के 10 चिन्हित क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन और रैलियों पर 31 जुलाई तक प्रतिबंध
जिला प्रशासन शिमला ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शहर के 10 चिन्हित स्थानों पर धरना-प्रदर्शन, रैलियों, जुलूसों और सार्वजनिक बैठकों के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया है। जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
शिमला
जिला दंडाधिकारी ने जारी किए आदेश
राजधानी शिमला में सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने पंजाब राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1953 की धारा 6 के तहत आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार शहर के निर्धारित क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन, रैलियां, जुलूस और सार्वजनिक बैठकों के आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा।
इन क्षेत्रों में लागू रहेगा प्रतिबंध
प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार छोटा शिमला से रिज और कैनेडी हाउस तक, रेंडेजवॉयस रेस्तरां से रिवोली सिनेमा तक 150 मीटर क्षेत्र, स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक, छोटा शिमला गुरुद्वारा से लिंक रोड छोटा शिमला-कसुम्पटी मार्ग तक, छोटा शिमला चौक से लोक भवन और ओक ओवर तक, छोटा शिमला गुरुद्वारा से सट्टी सीढ़ियों और कसुम्पटी सड़क की ओर जाने वाले पैदल मार्ग तक, कार्ट रोड से मजीठा हाउस लिंक रोड तक, एजी कार्यालय से कार्ट रोड तक, सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय से चौड़ा मैदान तक तथा उपायुक्त कार्यालय के ऊपर स्थित पुलिस गुमटी से लोअर बाजार की ओर 50 मीटर क्षेत्र में प्रतिबंध लागू रहेगा।
पूर्व अनुमति के बिना कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे
आदेशों के तहत इन क्षेत्रों में सार्वजनिक बैठकें आयोजित करने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने, नारेबाजी करने, बैंड बजाने तथा ऐसी वस्तुएं ले जाने पर रोक रहेगी जिन्हें हथियार के रूप में उपयोग किया जा सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा बलों पर लागू नहीं होंगे आदेश
जिला प्रशासन के अनुसार यह प्रतिबंध ड्यूटी पर तैनात पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सैन्य कर्मियों पर लागू नहीं होंगे। प्रशासन ने कहा है कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ये आदेश जारी किए गए हैं।
31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेंगे प्रतिबंध
जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेंगे। प्रशासन ने नागरिकों और संगठनों से निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।