यूजीसी कानून के विरोध में सचिवालय के बाहर टकराव, वाटर कैनन के बाद पुलिस ने किया बल प्रयोग
शिमला में यूजीसी कानून वापस लेने की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश सचिवालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सचिवालय के गेट पर कुछ प्रदर्शनकारियों के चढ़ने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में बल प्रयोग किया। मंत्री अनिरुद्ध सिंह के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
शिमला
देवभूमि क्षत्रिय पार्टी के नेतृत्व में गुरुवार को छोटा शिमला स्थित सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी यूजीसी कानून के प्रावधानों का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे थे। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ प्रदर्शनकारी सचिवालय के गेट पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी टकराव की स्थिति बनने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और कुछ समय तक मौके पर तनाव बना रहा।
मुख्यमंत्री के साथ शुक्रवार को होगी बैठक
तनाव के बीच मंत्री अनिरुद्ध सिंह प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे और उनसे बातचीत की। उनके आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ देवभूमि पार्टी और अन्य संगठनों के नेताओं की बैठक प्रस्तावित है। यूजीसी कानून के विरोध में निकाली जा रही यात्रा के तहत प्रदर्शनकारी शिमला पहुंचे थे। यात्रा दल का नेतृत्व देवभूमि क्षत्रिय पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर ने किया, जबकि राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना भी इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कानून के प्रावधानों से स्वर्ण समाज के बच्चों के साथ अन्याय हुआ है।