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श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 पर प्रशासन का निर्णय, सुरक्षा समीक्षा के बाद जारी हुए नए निर्देश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

जिला प्रशासन कुल्लू ने विशेषज्ञों की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट और यात्रा मार्ग की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया है। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर प्रवेश रोकने तथा अस्थायी ढांचों को निर्धारित समय में हटाने के निर्देश भी जारी किए हैं।

कुल्लू

जिला प्रशासन ने जारी किए आदेश

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला दंडाधिकारी एवं उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया है। प्रशासन के अनुसार यह निर्णय संयुक्त विशेषज्ञ निरीक्षण दल की रिपोर्ट, यात्रा मार्ग की भौगोलिक स्थिति और संभावित प्राकृतिक जोखिमों के आकलन के आधार पर लिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान परिस्थितियों में यात्रा संचालन के लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा करना संभव नहीं है।

संयुक्त विशेषज्ञ दल ने किया मार्ग का निरीक्षण

प्रशासन के अनुसार एबीवीआईएमएएस मनाली, राजस्व विभाग और वन विभाग के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने यात्रा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। 8 जून 2026 को प्रस्तुत रिपोर्ट में भीमद्वारी से पार्वती बाग तक के मार्ग को अत्यधिक जोखिमपूर्ण बताया गया और इस हिस्से के उपयोग की अनुशंसा नहीं की गई। रिपोर्ट में मार्ग की ढलान, मिट्टी की स्थिति, नालों की संख्या और मौसम के बदलते प्रभावों का उल्लेख किया गया। इसके बाद प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग की तकनीकी जांच भी करवाई, ताकि यात्रा को किसी अन्य सुरक्षित विकल्प से संचालित करने की संभावना पर विचार किया जा सके।

वैकल्पिक मार्ग भी सुरक्षित नहीं पाया गया

18 जून 2026 को प्रस्तुत दूसरी रिपोर्ट में बताया गया कि मौजूदा और प्रस्तावित दोनों मार्ग तीव्र ढलानों, ढीली एवं अस्थिर मिट्टी, संकरे तथा फिसलन वाले रास्तों और कई नालों से होकर गुजरते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इन क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, अचानक जलस्तर बढ़ने, मलबा आने तथा फ्लैश फ्लड जैसी परिस्थितियों की संभावना बनी रहती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में मौसम में अचानक बदलाव और लगातार वर्षा की स्थिति में मार्ग की स्थिरता और कम हो सकती है। संयुक्त निरीक्षण दल ने मौजूदा परिस्थितियों में यात्रा संचालन को सुरक्षित नहीं माना।

राहत एवं बचाव कार्यों में भी आ सकती है कठिनाई

विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार भीमद्वारी और पार्वती बाग के बीच किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव अभियान संचालित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस हिस्से में संकरे मार्ग, सीमित पहुंच और नालों के आसपास की अस्थिर भूमि के कारण त्वरित निकासी और सहायता पहुंचाना कठिन हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि जलस्तर में संभावित वृद्धि और मलबा आने की स्थिति में अस्थायी रोपिंग, पुलनुमा संरचनाएं या अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित करना व्यवहारिक और सुरक्षित नहीं माना गया। प्रशासन ने इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया।

तीन दिन में हटाने होंगे अस्थायी शिविर

जिला दंडाधिकारी के आदेशानुसार यात्रा के लिए लगाए गए सभी अस्थायी शिविर, टेंट, राशन दुकानें और अन्य अस्थायी ढांचों को आदेश जारी होने की तिथि से तीन दिनों के भीतर हटाना होगा। पुलिस अधीक्षक कुल्लू, उपमंडलाधिकारी निरमंड तथा लूहरी वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित यात्रा मार्ग पर किसी भी व्यक्ति का प्रवेश न हो और आदेश का पालन सख्ती से कराया जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई के दायरे में आएगा।

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