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सिरमौर में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से महिलाओं को मिल रहे स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 2 Hours Ago • 1 Min Read

जिला सिरमौर में यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा संचालित ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं और युवतियों को कौशल विकास तथा स्वरोजगार से जोड़ने में योगदान दे रहा है। पिछले तीन वर्षों में 166 महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जिनमें से 72 महिलाएं अपना स्वयं का रोजगार स्थापित कर चुकी हैं, जबकि अन्य प्रशिक्षित प्रतिभागियों को वित्तीय और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

नाहन

कौशल विकास के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा

प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिला सिरमौर में यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी) नाहन युवाओं और महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। संस्थान का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को रोजगारोन्मुख कौशल उपलब्ध कराना तथा उन्हें स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देना है।

तीन वर्षों में 166 महिलाओं ने प्राप्त किया प्रशिक्षण

संस्थान द्वारा पिछले तीन वर्षों के दौरान ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण के सात कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में कुल 166 युवतियों और महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। संस्थान के आंकड़ों के अनुसार इनमें से 72 महिलाओं ने अपना स्वरोजगार स्थापित कर लिया है, जबकि 94 अन्य प्रशिक्षित महिलाएं रोजगार और उद्यम स्थापना की दिशा में प्रयासरत हैं। संस्थान द्वारा इन प्रतिभागियों को बैंक ऋण, व्यवसायिक मार्गदर्शन तथा अन्य आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

35 दिवसीय प्रशिक्षण में व्यावहारिक और उद्यमिता आधारित शिक्षा

यूको आरसेटी नाहन में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण के प्रत्येक बैच में लगभग 28 से 30 युवतियों को शामिल किया जाता है। यह प्रशिक्षण 35 दिनों का होता है, जिसमें प्रतिभागियों के रहने और भोजन की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाती है। प्रशिक्षण के दौरान ब्यूटी केयर और सौंदर्य सेवाओं से संबंधित व्यावहारिक जानकारी के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, मार्केटिंग, ग्राहक प्रबंधन और उद्यमिता कौशल पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षुओं को विभिन्न संस्थानों और प्रतिष्ठानों का अनुभव भ्रमण भी कराया जाता है, जिससे उन्हें क्षेत्र से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके।

प्रशिक्षण के बाद भी मिलता है संस्थान का सहयोग

संस्थान प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी प्रतिभागियों के साथ दो वर्षों तक समन्वय बनाए रखता है। इस अवधि के दौरान स्वरोजगार स्थापित करने, व्यवसाय संचालन, वित्तीय सहायता प्राप्त करने तथा अन्य व्यावसायिक चुनौतियों के समाधान के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। संस्थान का उद्देश्य प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार स्थापना और व्यवसाय की स्थिरता सुनिश्चित करना भी है।

ज्योति ठाकुर ने प्रशिक्षण के बाद विकसित किया स्वरोजगार

नाहन के समीप स्थित सेन की सैर गांव की 24 वर्षीय ज्योति ठाकुर ने यूको आरसेटी नाहन से वर्ष 2023 में ब्यूटीशियन प्रशिक्षण प्राप्त किया। इतिहास विषय में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त कर चुकी ज्योति ने बताया कि उन्हें पढ़ाई के साथ मेहंदी और सौंदर्य सेवाओं में रुचि थी, जिसे उन्होंने धीरे-धीरे व्यवसायिक रूप दिया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने कौशल को और विकसित किया तथा वर्तमान में वह इस क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।

प्रशिक्षण से आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि

ज्योति ठाकुर वर्तमान में ब्यूटीशियन सेवाओं के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 18 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। प्रशिक्षण के बाद वह अन्य महिलाओं को भी ब्यूटीशियन कोर्स से संबंधित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देने के लिए पात्र बनी हैं। संस्थान का मानना है कि कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।