सिरमौर में भारी बारिश से सड़कें जलमग्न, एनएच-07 समेत कई मार्गों पर यातायात बाधित
लगातार बारिश ने सिरमौर में मचाया कहर, सड़कें बनीं दरिया; सिस्टम की जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
नाहन–पांवटा एनएच पर जलभराव, ट्राला पलटा; कालाअंब–त्रिलोकपुर सड़क पर 3 से 4 फुट तक भरा पानी
नाहन / जिला सिरमौर में पिछले चार-पांच दिनों से जारी बारिश के बीच शुक्रवार सुबह हुई मूसलाधार वर्षा ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। जिले के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं, नाले उफान पर आ गए और जगह-जगह यातायात प्रभावित हुआ। हालात ऐसे रहे कि कई सड़कें कुछ समय के लिए सड़क कम और बहती नदी ज्यादा नजर आईं।
नाहन–पांवटा साहिब एनएच-07 पर सतीवाला–कटासन देवी के ढाल के समीप नाले का पानी सड़क पर आ जाने से भारी जलभराव हो गया। पानी के तेज बहाव और सड़क पर जमा पानी के कारण छोटे-बड़े वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी स्थान पर पुल के नजदीक एक छोटी गाड़ी के ट्राले से टकराने के बाद हादसा हो गया। दुर्घटना के दौरान बड़ा ट्राला सड़क किनारे धंसकर पलट गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली, हालांकि दोनों वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
उधर, औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब से त्रिलोकपुर की ओर जाने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़क का बड़ा हिस्सा भी जलमग्न हो गया। रुचिरा पेपर मिल और इसके पीछे की ओर कई स्थानों पर पानी की निकासी न होने के कारण सड़क पर करीब तीन से चार फुट तक पानी जमा हो गया। सड़क पर पानी का इतना तेज बहाव रहा कि यह मार्ग नदी का रूप लेता दिखाई दिया।

इस दौरान सड़क से गुजरने वाले कई वाहन पानी में फंस गए और कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है। औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी की बदहाल व्यवस्था ने एक बार फिर सिस्टम की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि हर वर्ष बरसात में जलभराव की समस्या सामने आने के बावजूद स्थायी निकासी व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही।
स्थिति को और खतरनाक बनाने वाले सड़क के बड़े-बड़े गड्ढे रहे, जो बारिश के पानी से पूरी तरह भर गए। पानी में छिपे इन गड्ढों के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा तक नहीं लग पाया। ऐसे हालात किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं।
वहीं, नाहन विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली मारकंडा नदी भी शुक्रवार को भारी उफान पर रही। नदी के तेज बहाव के चलते ऋषि मार्कंडेय मंदिर के चारों ओर बाढ़ जैसे हालात बने रहे। क्षेत्र में लोगों ने सुरक्षित स्थानों से नदी के रौद्र रूप को देखा।
इसके अलावा नाहन से कालाअंब की ओर जाने वाले मार्ग पर फोनिक्स उद्योग और ब्लू स्टार के बीच सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया, जिसके कारण यातायात बाधित रहा और लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रही। लगातार बारिश के कारण वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों और धीमी रफ्तार से सफर करना पड़ा।
शुक्रवार की भारी बारिश ने साफ कर दिया कि जिले में बरसाती पानी की निकासी और सड़कों के रखरखाव की व्यवस्था अभी भी कई स्थानों पर कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। करोड़ों रुपये के औद्योगिक क्षेत्र में यदि तीन से चार फुट पानी सड़कों पर खड़ा हो जाए और मुख्य मार्ग गड्ढों व जलभराव में डूब जाएं, तो यह केवल बारिश का कहर नहीं बल्कि व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करता है।
खबर लिखे जाने तक जिले में किसी जानी नुकसान की सूचना नहीं मिली थी, लेकिन लगातार जारी बारिश ने सामान्य जनजीवन और यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर रखा था।