सोलन में उम्मीदवारों से आदर्श आचार संहिता की अनुपालना सुनिश्चित करने की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन ने शहरी और पंचायती राज निकाय चुनाव-2026 को लेकर उम्मीदवारों से आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। प्रशासन ने प्रचार सामग्री, लाउडस्पीकर उपयोग और निर्वाचन व्यय से जुड़े नियमों की अनुपालना करने के निर्देश जारी किए हैं।
सोलन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जारी किए निर्देश
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने शहरी एवं पंचायती राज निकाय-2026 के दृष्टिगत सभी उम्मीदवारों से आदर्श आचार संहिता की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और त्रुटिरहित निर्वाचन प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा इस दिशा में उम्मीदवारों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
प्रचार सामग्री और सार्वजनिक संपत्ति को लेकर निर्देश
मनमोहन शर्मा ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के तहत प्रचार, पोस्टर, झंडों, सूचना पत्रों, होर्डिंग और बैठकों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी निजी अथवा सार्वजनिक संपत्ति पर बिना अनुमति पोस्टर, झंडे या सूचना पत्र नहीं लगाए जाएंगे और न ही नारे लिखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि नियमों की अवहेलना की स्थिति में हिमाचल प्रदेश खुले स्थान (विदरूपिता निवारण) अधिनियम 1985 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान प्लास्टिक से बनी प्रचार सामग्री के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया उपयोग के लिए नियम
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर का प्रयोग केवल सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित समय तक ही किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया अथवा अन्य आधुनिक सूचना माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही मुद्रक और प्रकाशक के नाम-पते के बिना किसी प्रकार की प्रचार सामग्री प्रकाशित नहीं की जा सकेगी।
निर्वाचन व्यय सीमा की दी जानकारी
मनमोहन शर्मा ने कहा कि नियमानुसार जिला परिषद सदस्य और नगर निगम पार्षद के लिए व्यय सीमा एक लाख रुपये निर्धारित की गई है। नगर परिषद सदस्य के लिए 75 हजार रुपये तथा नगर पंचायत सदस्य के लिए 50 हजार रुपये की व्यय सीमा तय की गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उम्मीदवार को निर्वाचन परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर निर्धारित प्रपत्र पर अपने निर्वाचन व्यय का पूरा लेखा-जोखा संबंधित प्राधिकारी को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।