सोलन मंडी में लहसुन की बढ़ती आवक का असर, दामों में हल्का बदलाव दर्ज
सोलन कृषि उपज मंडी में लहसुन की आवक लगातार बढ़ने के कारण बाजार में दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। जिला सोलन, सिरमौर और कुल्लू सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में फसल मंडी पहुंच रही है, जिससे छोटे और बड़े दोनों आकार के लहसुन के दामों पर असर देखने को मिला है, हालांकि व्यापारियों के अनुसार बाजार में कारोबार सामान्य बना हुआ है।
सोलन
बढ़ती आवक के कारण दामों में आई कमी
सोलन कृषि उपज मंडी में इन दिनों लहसुन की आवक लगातार बढ़ रही है। मंडी में बड़ी मात्रा में फसल पहुंचने के कारण बाजार में कीमतों पर असर देखा जा रहा है। पिछले सप्ताह तक छोटे आकार के लहसुन के न्यूनतम दाम करीब 50 रुपये प्रति किलो चल रहे थे, जो अब घटकर लगभग 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं बड़े आकार के लहसुन के अधिकतम दाम पहले लगभग 150 रुपये प्रति किलो दर्ज किए जा रहे थे, जो अब करीब 140 रुपये प्रति किलो रह गए हैं। मंडी में मध्यम आकार के लहसुन की कीमत लगभग 115 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार औसत दामों में भी 8 से 10 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट आई है।
सोलन, सिरमौर और कुल्लू से पहुंच रही फसल
मंडी व्यापारियों का कहना है कि इन दिनों प्रतिदिन बड़ी मात्रा में लहसुन मंडी पहुंच रहा है। जिला सोलन के अलावा सिरमौर और कुल्लू क्षेत्र के किसान भी अपनी फसल लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं। फसल की अधिक आवक के कारण खरीद-बिक्री की गतिविधियां बढ़ी हैं और बाहरी राज्यों के व्यापारी भी लगातार खरीदारी कर रहे हैं। मंडी में कारोबार सामान्य रूप से जारी है और गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में दाम तय किए जा रहे हैं।
इस बार प्रदेश में अधिक हुआ उत्पादन
कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार इस वर्ष प्रदेश में लहसुन की पैदावार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हुई है। मौसम अनुकूल रहने और फसल की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यही कारण है कि इस बार मंडियों में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक मात्रा में लहसुन पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी मंडी में आवक का दबाव बना रह सकता है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
किसानों को बाजार सुधार की उम्मीद
हालांकि कीमतों में कुछ गिरावट आई है, लेकिन किसानों को उम्मीद है कि बाहरी राज्यों से मांग बढ़ने पर दामों में फिर सुधार देखने को मिल सकता है। व्यापारियों के अनुसार गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में हिमाचल के लहसुन की मांग बनी हुई है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे फसल की सही तरीके से ग्रेडिंग कर मंडी में लाएं, ताकि गुणवत्ता के अनुसार उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके।
हिमाचली लहसुन की बनी हुई है मांग
सोलन और सिरमौर क्षेत्र का लहसुन अपनी गुणवत्ता और तीखे स्वाद के कारण देश के कई हिस्सों में पहचान रखता है। यही वजह है कि अन्य राज्यों के व्यापारी भी सोलन मंडी में खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। मंडी से गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत के कई हिस्सों में नियमित रूप से लहसुन की सप्लाई की जा रही है। व्यापारियों के अनुसार वर्तमान में कीमतों में मामूली कमी दर्ज की गई है, लेकिन बाजार की स्थिति अभी भी संतुलित बनी हुई है।