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खेल-खेल में स्कूल की तैयारी सीख रहे नौनिहाल, लोअर बसाल में सजा समर रेडीनेस मेला

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

लोअर बसाल आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित समर रेडीनेस मेले में बच्चों को खेल-खेल में विद्यालयी जीवन के लिए तैयार किया गया। विभिन्न शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों को भी प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

बाल विकास परियोजना ऊना के पर्यवेक्षक वृत्त बसाल के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र लोअर बसाल में गुरुवार को समर कैम्प रेडीनेस मेला-1 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यवेक्षक कुलवीर कौर ने की। मेले का मुख्य उद्देश्य कम समय में अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंच बनाना, उन्हें विद्यालय में प्रवेश से पूर्व मानसिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक रूप से तैयार करना तथा अभिभावकों को प्रारंभिक शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।इस अवसर पर नौनिहालों ने खेल-खेल में सीखने की विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों को रंगों की पहचान, अक्षर एवं अंक ज्ञान, रचनात्मक गतिविधियों, समूह खेलों तथा संवादात्मक अभ्यासों के माध्यम से विद्यालयी वातावरण से परिचित कराया गया। मेले में बच्चों की रुचि और सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए आकर्षक शिक्षण सामग्री का भी उपयोग किया गया।

पर्यवेक्षक कुलवीर कौर ने कहा कि समर रेडीनेस मेले का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें स्कूल जाने के लिए सहज एवं उत्साहित बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में सीखने की प्रक्रिया को रोचक और आनंददायक बनाना बेहद आवश्यक है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को भी बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। उन्हें घर पर बच्चों के साथ सकारात्मक संवाद और सीखने का वातावरण तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।मेले में बच्चों की सक्रिय भागीदारी और अभिभावकों की उत्साहजनक उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को विद्यालयी जीवन के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाल विकास परियोजना के अधिकारियों ने भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।