Suspended JBT Teachers / शिमला में प्रदर्शन करने पर निलंबित आठ JBT शिक्षक चार्जशीट , दस दिन में मांगा जवाब
Suspended JBT Teachers : शिक्षा निदेशालय ने जारी किया मेमोरेंडम, असंतोषजनक उत्तर मिलने पर होगी विभागीय जांच
शिमला
प्रदर्शन के चलते हुए थे निलंबित, अब चार्जशीट भी जारी
हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के आरोप में निलंबित किए गए आठ जेबीटी शिक्षकों को अब स्कूल शिक्षा निदेशालय ने चार्जशीट कर दिया है। निदेशालय ने बुधवार को इन शिक्षकों को मेमोरेंडम जारी करते हुए 10 दिन के भीतर जवाब मांगा है। अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू होगी।
सरकार व अधिकारियों पर की गई थी आपत्तिजनक टिप्पणियां
चौड़ा मैदान शिमला में शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन के विरोध में जेबीटी शिक्षक संघ द्वारा किया गया प्रदर्शन बिना अनुमति आयोजित किया गया था। शिक्षकों पर आरोप है कि इस प्रदर्शन में सरकार और उच्च अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। प्रदर्शन के चलते इन शिक्षकों को पहले ही निलंबित किया गया था।
आदेशों की अवहेलना पर कार्रवाई, अनुशासनात्मक नियमों के तहत कार्रवाई जारी
शिक्षा सचिव के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रदर्शन हुआ, जिसे नियम 18 के तहत सरकारी आदेशों की अवहेलना माना गया। अब इन शिक्षकों के खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई आरंभ की गई है। उन्हें पूर्व की तैनाती वाली जगह पर मुख्यालय में रहकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
राजनीतिक दबाव से प्रक्रिया प्रभावित करने पर सख्त चेतावनी
निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिक्षक राजनीतिक या बाहरी दबाव डालकर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करता है तो इसे नियम 20 के तहत गंभीर उल्लंघन माना जाएगा और अलग से कार्रवाई की जाएगी।
चार्जशीट किए गए शिक्षक
चार्जशीट किए गए शिक्षकों में जेबीटी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा, जिला मंडी से राम सिंह राव, हेम राज, शिमला से प्रमोद कुमार चौहान, ऊना से सुनीता शर्मा, कांगड़ा से अनिल कुमार और संजय कुमार, जबकि सिरमौर से प्रताप ठाकुर शामिल हैं।
शिक्षक संघ अध्यक्ष बोले – सहमति बनी थी, आदेश नहीं आए
इस बीच, शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह सहमति बनी थी कि निलंबन वापस लिए जाएंगे और निर्देश जल्द जारी होंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है।