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Swine Flue / टांडा में जांचे गए आधे सैंपल पॉजिटिव, स्वाइन फ्लू के चार मरीज मिले

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 57 Mins Ago • 1 Min Read

कांगड़ा जिले के डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में बुधवार को स्वाइन फ्लू के चार मामले सामने आए हैं। अस्पताल में आठ सैंपलों की जांच की गई थी, जिनमें से चार की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। संक्रमितों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जबकि छोटे बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।

कांगड़ा/टांडा

टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि जांच के लिए कुल आठ सैंपल लिए गए थे। इनमें से आधे सैंपलों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण पाए जाने के कारण अस्पताल प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है। मरीजों का इलाज उनकी उम्र, स्वास्थ्य और लक्षणों की गंभीरता के आधार पर किया जाता है।

स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण

स्वाइन फ्लू के लक्षण कई बार अचानक दिखाई दे सकते हैं। इनमें तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, अत्यधिक थकान, नाक बहना या बंद होना, कमजोरी और बेचैनी शामिल हैं। कुछ मरीजों में उल्टी या मतली की शिकायत भी हो सकती है। हालांकि, प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति में सभी लक्षण दिखाई देना जरूरी नहीं है।

गंभीर लक्षणों पर चिकित्सकीय सलाह जरूरी

बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, लगातार बिगड़ती हालत या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। हल्के लक्षणों वाले मरीजों को पर्याप्त आराम करने और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की सलाह दी जाती है। गंभीर मामलों या अधिक जोखिम वाले मरीजों को डॉक्टर एंटीवायरल दवा देने का फैसला कर सकते हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों और लंबे समय से बीमार व्यक्तियों को फ्लू जैसे लक्षण होने पर जल्द डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

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