तरपाल के नीचे छिपा था ‘हरा सोना’, वन विभाग ने दबोचे लकड़ी से लदे दो वाहन
ऊना में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मैहतपुर क्षेत्र में लकड़ी से लदे दो वाहनों को जब्त किया है। जांच के दौरान दोनों वाहनों में प्रतिबंधित और खुली प्रजाति की लकड़ी पाई गई, जबकि चालक परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
ऊना
ऊना में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मैहतपुर क्षेत्र में लकड़ी से लदे दो वाहनों को जब्त किया है। जांच के दौरान दोनों वाहनों में प्रतिबंधित और खुली प्रजाति की लकड़ी पाई गई, जबकि चालक परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
जानकारी के अनुसार वन मंडल अधिकारी विकल्प यादव के निर्देश पर वन परिक्षेत्र अधिकारी अंकुश ठाकुर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने मैहतपुर क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने संदेह के आधार पर तरपाल से ढके दो वाहनों को रोका।
जैसे ही वाहनों से तरपाल हटाई गई, अंदर बड़ी मात्रा में लकड़ी लदी मिली। जांच में वाहन संख्या एचपी-72डी-4285 और एचपी-72सी-7560 में प्रतिबंधित तथा कुछ खुली प्रजाति की लकड़ी पाई गई। विभागीय अधिकारियों ने जब लकड़ी के परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे तो चालक कोई भी वैध अनुमति या रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 41 एवं 42 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया। विभागीय टीम ने जब्त वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए घंडावल नर्सरी डिपो भेज दिया है।
कार्रवाई में ब्लॉक ऑफिसर प्रदीप सिंह, ब्लॉक ऑफिसर रोहित धीमान, वन रक्षक सुभाष चंद और वन कर्मी जोगिंदर सिंह भी शामिल रहे।
वन मंडल अधिकारी विकल्प यादव ने कहा कि वन विभाग वन अपराधों पर पूरी सख्ती के साथ नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि अवैध कटान, परिवहन और वन संपदा की तस्करी करने वालों के खिलाफ विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।