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थानाकलां में आईएमपावर कौशल अकादमी शुरू, युवाओं और महिलाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

ऊना जिले के थानाकलां स्थित ग्रामीण आजीविका केंद्र में आईएमपावर अकादमी फॉर स्किल्स का औपचारिक शुभारंभ किया गया। हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा विकसित केंद्र में युवाओं और महिलाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा मुख्य अतिथि रहे, जबकि निगम के राज्य समन्वयक अतुल कहड़ोता और उपायुक्त जतिन लाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का लक्ष्य युवाओं और महिलाओं के हुनर को अवसरों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कौशल प्रशिक्षण को केवल प्रमाणपत्र तक सीमित न रखने और सीखे गए हुनर को कमाई तथा आजीविका से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार क्षेत्र चुनने, उत्पादों को ब्रांड के रूप में विकसित करने और प्रशिक्षण के साथ उत्पादन इकाइयों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

विधायक ने बताया कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में कौशल को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए पायलट आधार पर परियोजना शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण ले रहे लोगों को स्कूल वर्दियां तैयार करने के कार्य से जोड़ने की संभावना तलाशी जा रही है। इससे प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के साथ काम और आय का अवसर मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि कौशल का व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित होने पर प्रशिक्षण रोजगार और स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

प्रशिक्षणार्थियों के उत्पादों को आईमार्ट से मिलेगा मंच

विवेक शर्मा ने आईएमपावर अकादमी द्वारा स्थापित आईमार्ट का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार अचार, जैम, चटनी, सिलाई और हस्तकला से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शन तथा विपणन के लिए मंच मिलेगा। विधायक ने अकादमी की प्रयोगशालाओं और कक्षाओं का अवलोकन करने के साथ प्रशिक्षणार्थियों से उनके अनुभवों एवं भविष्य की योजनाओं पर संवाद किया। इस दौरान अकादमी द्वारा प्रकाशित रोजगार और उद्यमिता से संबंधित पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम ने करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक भवन और छात्रावास सहित ग्रामीण आजीविका केंद्र का निर्माण किया था। एम3एम फाउंडेशन के कौशल संबल कार्यक्रम के तहत आईएमपावर के माध्यम से यहां प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू की गई हैं। अब तक करीब 250 युवा और महिलाएं नामांकित हो चुके हैं। वर्तमान में सिलाई, हॉस्पिटेलिटी, कंप्यूटर तथा अचार-चटनी निर्माण सहित चार ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रशिक्षणार्थी यहां पहुंच रहे हैं।

दिसंबर तक एक हजार प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य

उपायुक्त जतिन लाल ने युवाओं और महिलाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने का विश्वास रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का ध्यान केंद्र में नियमित कौशल विकास, आजीविका संवर्धन और सामुदायिक सशक्तीकरण की गतिविधियां चलाने पर है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक दक्षताओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन तथा डिजिटल माध्यमों से जोड़कर आय के अवसर बढ़ाने को कहा।

बीडीओ बंगाणा केएल वर्मा ने बताया कि केंद्र में आवासीय प्रशिक्षण का भी प्रावधान है, जिससे दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले प्रशिक्षणार्थी यहां रहकर कौशल सीख सकते हैं। अकादमी ने दिसंबर तक करीब एक हजार प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। एम3एम फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. पायल कनोडिया के शुभकामना संदेश में कौशल विकास और ग्रामीण सशक्तीकरण के प्रयासों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई।

एम3एम फाउंडेशन के प्रेसिडेंट एवं मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. ऐश्वर्य महाजन ने बताया कि कौशल संबल कार्यक्रम के तहत उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगारपरक और उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के साथ रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। एनआईईडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद ने अतिथियों का आभार जताया। कार्यक्रम में एसडीएम सोनू गोयल, तहसीलदार अमित शर्मा, डीपीओ श्रवण कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशिक्षक और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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