मंगलवार को आए भूकंप ने तिब्बत और नेपाल में भारी नुकसान पहुँचाया
मंगलवार को नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। रिक्टर स्केल पर 7.1 तीव्रता के इस भूकंप के कारण तिब्बत में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई है। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि इनकी तीव्रता बिहार, यूपी, दिल्ली-एनसीआर, बंगाल समेत कई भारतीय राज्यों में भी महसूस की गई। तिब्बत के क्षेत्रों में अब तक हुई जानमाल की भारी क्षति की खबरें सामने आ रही हैं।
तिब्बत में भूकंप से हुआ भारी नुकसान
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चीन की शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, तिब्बत में मंगलवार को आए इस भूकंप से अब तक कम से कम 53 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। चीन के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई गांवों में घर गिर गए हैं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। भूकंप का केंद्र नेपाल के साथ सटी तिब्बती सीमा के सुदूर पर्वतीय इलाकों में था, जो तिब्बत के पठार पर स्थित है।
नेपाल में भी महसूस हुए भूकंप के झटके
नेपाल की भूकंप निगरानी एजेंसी ने पुष्टि की है कि तिब्बत में आया भूकंप सुबह 6:50 बजे महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र नेपाल के डिंगी क्षेत्र के पास था, जो चीन के तिब्बती क्षेत्र में स्थित है। काठमांडू में भूकंप के झटकों के कारण लोग घबराए हुए थे और अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, नेपाल में भूकंप के कारण अभी तक किसी भी प्रकार के बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है।
भूकंप की गहराई और केंद्र का विवरण
अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र तिब्बत के पर्वतीय क्षेत्र में 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। चीन की भूकंप निगरानी एजेंसी ने भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की है। भूकंप का केंद्र लगभग 4,200 मीटर (13,800 फीट) की ऊँचाई पर स्थित था, जो एक बेहद संवेदनशील और ऊँचा इलाका है।
भविष्य में और खतरे की आशंका
इस भूकंप के बाद राहत कार्य जारी हैं और क्षेत्र में और संभावित झटकों के लिए तैयारियां की जा रही हैं। तिब्बत और नेपाल में भूकंप के बाद के प्रभावों को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें अब प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने के प्रयासों में जुटी हुई हैं।
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