Toll Plaza / अब हिमाचल के तीन टोल प्लाजा पर एमएलएफएफ तकनीक का प्रस्ताव, 60 किमी प्रति घंटा की गति पर बिना रुके कटेगा टोल
Toll Plaza / कीरतपुर-मनाली फोरलेन के गड़ा मोड़ा, टकोली और डोहलूनाला टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो यानी एमएलएफएफ तकनीक लागू करने की तैयारी है। एनएचएआई ने इसका प्रस्ताव मुख्यालय भेजा है। प्रस्ताव मंजूर होने और व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा की निर्धारित रफ्तार से बिना रुके टोल प्लाजा पार कर सकेंगे। कैमरे और सेंसर वाहन की पहचान करेंगे, जबकि टोल राशि उससे जुड़े फास्टैग खाते से अपने आप कट जाएगी।
शिमला
एमएलएफएफ व्यवस्था में पारंपरिक टोल बैरियर नहीं लगाए जाते। टोल प्लाजा से वाहन गुजरते ही फास्टैग रीडर, कैमरे और सेंसर उसकी पहचान कर निर्धारित राशि काट लेते हैं। इससे टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार और प्रतीक्षा का समय कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही ईंधन की खपत और प्रदूषण घटाने तथा राजमार्ग पर यातायात का प्रवाह सुचारू रखने में भी मदद मिलेगी। इस व्यवस्था से कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटकों को भी टोल पर रुकने से राहत मिल सकेगी।
अमान्य फास्टैग पर जारी होगा ई-नोटिस
फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने या उसके निष्क्रिय अथवा अमान्य मिलने पर वाहन मालिक को ई-नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर भुगतान करने पर सामान्य टोल राशि देनी होगी, जबकि इसके बाद भुगतान करने पर दोगुनी राशि चुकानी पड़ेगी। ई-नोटिस की जांच और भुगतान एनएच शुल्क ई-नोटिस पोर्टल तथा राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से किया जा सकेगा। व्यवस्था में टोल पास की सुविधा भी जारी रहेगी और करीब 3,000 रुपये में 200 यात्राओं की सुविधा उपलब्ध होगी।
गैंट्री पर लगेंगे एएनपीआर कैमरे और सेंसर
टोल प्लाजा पर करीब 5.5 से छह मीटर ऊंचाई पर गैंट्री लगाई जाएंगी। इनमें फास्टैग रीडर, एआई आधारित ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे और वाहन पहचानने वाले सेंसर लगाए जाएंगे। वाहन की पहचान होते ही उससे जुड़े फास्टैग खाते से राशि कट जाएगी। वाहन चालकों को फास्टैग सक्रिय रखने, उसमें पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करने और उसे विंडशील्ड पर सही तरीके से लगाने की जरूरत होगी। वाहन पर वैध हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट होना भी आवश्यक होगा।
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर निर्धारित गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा है। वाहन इस गति से टोल प्वाइंट पार करते हुए भी बिना रुके भुगतान कर सकेंगे, लेकिन निर्धारित सीमा से अधिक गति होने पर ओवरस्पीड का चालान होगा। एनएचएआई पीआईयू मंडी के परियोजना निदेशक वरुण चारी के अनुसार फिलहाल तीन टोल प्लाजा पर एमएलएफएफ तकनीक लागू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। आने वाले समय में अन्य टोल प्लाजा पर भी यह तकनीक अपनाई जाएगी।
