ऊना के पांच चयनित स्कूलों में प्राकृतिक खेती और कृषि स्वरोजगार की दी जा रही जानकारी
हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना चरण-दो के तहत ऊना जिले के पांच चयनित विद्यालयों में विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि आधारित स्वरोजगार की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को बसाल स्थित नेताजी सुभाष मेमोरियल राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
कार्यक्रम में खंड परियोजना प्रबंधक ऊना अश्वनी कुमार ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती, मशरूम उत्पादन, जलवायु-अनुकूल कृषि, वर्मी कम्पोस्ट और पोषण वाटिका के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी देते हुए आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियां अपनाने के महत्व से अवगत कराया। विद्यालय परिसर में वर्मी कम्पोस्ट इकाई और पोषण वाटिका स्थापित करने के संबंध में भी जानकारी साझा की गई।
अश्वनी कुमार ने बताया कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश सरकार और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के सहयोग से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में कृषि के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उन्हें कृषि विविधीकरण, टिकाऊ खेती और कृषि आधारित आजीविका के अवसरों से परिचित कराना है। खंड परियोजना प्रबंधन इकाई ऊना के मार्गदर्शन में परियोजना का क्रियान्वयन सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट, जगदीशपुर, अमेठी द्वारा किया जा रहा है।