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रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की अमेरिकी तैयारी, प्रस्तावित बिल में भारत और चीन भी शामिल

हिमाचलनाउ डेस्क • 4 Hours Ago • 1 Min Read

अमेरिका में एक संशोधित विधेयक पेश करने की तैयारी है, जिसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव किया गया है। इस बिल में भारत और चीन समेत कई देशों को शामिल किया गया है। प्रस्ताव के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के प्रमुख तेल खरीदार देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है। संशोधित विधेयक पर अमेरिकी संसद में गुरुवार को मतदान होना है।

अमेरिका

रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े इस संशोधित विधेयक में उन देशों को स्पष्ट रूप से दायरे में लाने का प्रस्ताव है, जो उससे कच्चा तेल खरीद रहे हैं। अमेरिका का मानना है कि रूसी तेल के कारोबार से होने वाली आय यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध को आर्थिक मदद दे रही है। इसी आधार पर प्रस्तावित कानून में ऐसे देशों के विरुद्ध 100 प्रतिशत माध्यमिक टैरिफ लगाने की व्यवस्था शामिल की जा रही है।

प्रस्तावित सूची में 10 देशों के नाम

संशोधित बिल में चीन, भारत, तुर्की, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाक रिपब्लिक, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज रिपब्लिक को शामिल करने का प्रस्ताव है। विधेयक पारित होने पर रूस से तेल कारोबार करने वाले इन देशों को प्रस्तावित टैरिफ के दायरे में लाया जा सकता है। फिलहाल यह प्रावधान विधेयक का हिस्सा है और इस पर अमेरिकी संसद की मंजूरी बाकी है।

रूस की तेल आय पर दबाव बनाने की कोशिश

रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 से युद्ध जारी है। इसे रोकने के कई प्रयास अब तक सफल नहीं हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक भी की थी, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। अमेरिका अब रूस की आय के स्रोतों पर अतिरिक्त दबाव बनाने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सदस्य देशों से ट्रंप के टैरिफ का विरोध करने की बात कही थी।

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