लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

Utpanna Ekadashi 2022: कब है उत्पन्ना एकादशी? जानें मुहूर्त और महत्व

SAPNA THAKUR | 13 नवंबर 2022 at 11:02 am

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

HNN/ नाहन

हिंदू पंचांग में हर महीने दो एकादशी पड़ती हैं और हर एकादशी का अपना खास महत्व होता है। मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि जो भक्ति भाव और सच्ची श्रद्धा के साथ उत्पन्ना एकादशी का व्रत करता है उसे अश्वमेघ यज्ञ करने के समान फल प्राप्त होता है। इस माह में श्रीकृष्ण की उपासना का विधान है। वहीं एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है।

उत्पन्ना एकादशी 2022
उत्पन्ना एकादशी का व्रत इस साल 20 नवंबर 2022, रविवार को रखा जाएगा। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को अति प्रिय है। इस दिन उनका पूजन-मंत्रों का जाप करने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि एकादशी व्रत के परिणाम स्वरूप व्यक्ति को मृत्यु के बाद यमराज की यातनाएं नहीं सेहनी पड़ती। साथ ही कई जन्मों के मृतक परिजन भी तर जाते हैं।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

उत्पन्ना एकादशी मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि की शुरुआत 19 नवंबर 2022 को सुबह 10 बजकर 29 मिनट पर होगी और उत्पन्ना एकादशी तिथि का समापन 20 नवंबर 2022 को सुबह 10 बजकर 41 मिनट पर होगा। एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद किया जाता है।

उत्पन्ना एकादशी व्रत महत्व
देवी एकादशी श्रीहरि का ही शक्ति रूप है। पद्म पुराण के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु ने उत्पन्न होकर असुर मुर का संहार किया था इसलिए इसका नाम उत्पन्ना एकादशी पड़ा। मान्यता है कि उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखने से मनुष्यों के पिछले जन्म के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। उत्पन्ना एकादशी व्रत के प्रभाव से जातक को संतान सुख, आरोग्य और जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]