Weather / अटल टनल बंद, रोहतांग समेत ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी, 26 मार्च तक राहत नहीं
Himachalnow / कुल्लू
हिमाचल में लगातार बर्फबारी और खराब मौसम के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है और अटल टनल को बंद करना पड़ा है। मौसम विभाग ने 26 मार्च तक राहत के आसार कम जताए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कुल्लू
अटल टनल बंद, पर्यटन पर असर
देवभूमि हिमाचल में पिछले एक सप्ताह से जारी बर्फबारी और खराब मौसम ने हालात गंभीर कर दिए हैं। रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला जैसे ऊंचे दर्रों में पांच फीट तक बर्फ जम चुकी है, जबकि ताजा हिमपात भी लगातार जारी है। अटल टनल के दोनों छोर पर भारी बर्फ जमा होने के कारण इसे फिलहाल वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे पर्यटन गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सैलानियों की आवाजाही को नेहरू कुंड से आगे रोक दिया है।
अखाड़ा बाजार में फिर बढ़ा भूस्खलन का खतरा
कुल्लू के अखाड़ा बाजार क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जमीन कमजोर हो गई है, जिससे भूस्खलन का खतरा फिर मंडराने लगा है। पहाड़ियों के दरकने की आशंका के चलते प्रशासन ने एहतियातन आधा दर्जन घरों को खाली करवा दिया है और करीब 20 लोगों को सुरक्षित स्थानों व गुरुद्वारे में शिफ्ट किया गया है। इलाके में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है, खासकर इसलिए क्योंकि सितंबर 2025 में यहां हुए भूस्खलन में नौ लोगों की जान गई थी।
तापमान में भारी गिरावट, शीतलहर जैसे हालात
प्रदेश में बादलों की गर्जना, बर्फीली हवाओं और बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान गिरकर 6.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि मनाली में पारा 3 डिग्री तक लुढ़क गया है। अधिकतम तापमान भी सामान्य से 6 से 7 डिग्री नीचे चला गया है, जिससे पूरे प्रदेश में शीतलहर जैसे हालात बन गए हैं और लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में भी राहत नहीं
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम का मिजाज अभी और बिगड़ा रह सकता है। 26 मार्च तक ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश तथा बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जैसे संवेदनशील जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है।