हिमाचल प्रदेश के 7 जिलों में बैंकों से कर्ज लेने से कतरा रहे हैं लोग, जानिए क्यों

By PARUL Published: 21 Nov 2024, 10:48 AM | Updated: 21 Nov 2024, 10:48 AM 1 min read

Himachalnow/शिमला

हिमाचल प्रदेश के सात जिलों के लोग बैंकों से कर्ज लेने से कतरा रहे हैं। इन जिलों में लोगों का 50 से 60 फीसदी पैसा बैंकों में जमा रह जाता है। वे उसका इस्तेमाल स्वरोजगार, कारोबार, सुविधाएं और संसाधन जुटाने में भी नहीं कर रहे हैं।

सरकार भी कम ऋण जमा अनुपात से चिंतित है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कम सीडी अनुपात के कारणों की पहचान करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष सब कमेटियां गठित करने को कहा है। बैंकर्स समिति को प्रति माह सीडी रेशो की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कम अनुपात यह संकेत देता है कि बैंक अपने ढांचे का पूरा उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में बैंकों से और अधिक सक्रियता दिखाने की अपेक्षा है। सरकार की चिंता की वजह यह भी है कि उसकी स्वरोजगार से जुड़ी कई योजनाएं ऋण आधारित हैं।