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एलआईसी वाले बंटी हुए सेवानिवृत्त, चेतक की सवारी और यारों की यारी बनी खास पहचान

Shailesh Saini • 1 Hour Ago • 1 Min Read

37 वर्षों की सेवा के बाद विदाई, अब माता-पिता, परिवार और दोस्तों के साथ बिताएंगे ज्यादा समय

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की नाहन शाखा में करीब 37 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद सतनाम सिंह उर्फ बंटी 60 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्त हो गए। लंबे सेवाकाल के दौरान अपने मिलनसार स्वभाव, सहयोगी रवैये और हर किसी के साथ आत्मीय संबंध बनाए रखने के कारण बंटी ने न केवल विभाग में, बल्कि नाहन शहर में भी अपनी अलग पहचान बनाई।

बंटी की पहचान उनकी नौकरी के साथ-साथ उनके खास अंदाज से भी रही है। नाहन शहर में उन्हें ‘चेतक स्कूटर वाले बंटी’ के नाम से भी जाना जाता है। नए दौर में भले ही आधुनिक स्कूटरों की भरमार हो, लेकिन बंटी का अपने पुराने चेतक के प्रति लगाव कभी कम नहीं हुआ।

उनका मानना रहा कि नए जमाने में चाहे कितने भी स्कूटर आ जाएं, लेकिन पुराने चेतक की बात ही अलग है। यही अंदाज उन्हें दोस्तों के बीच खास बनाता रहा।करीब चार दशक के सेवाकाल में बंटी ने एलआईसी से जुड़े कार्यों में लोगों की सहायता करने के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। किसी जरूरतमंद को व्यक्तिगत मदद की जरूरत हो या शहर में कोई सामाजिक कार्य, वह अपनी ओर से सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार रहे।

यही वजह रही कि उनकी मित्र मंडली भी लगातार बढ़ती गई और रिश्तों को निभाने का उनका अंदाज उनकी पहचान बन गया।बंटी के जीवन में माता-पिता और परिवार का हमेशा विशेष स्थान रहा है। माता-पिता की सेवा करना, परिवार के साथ अधिक से अधिक समय बिताना और दोस्तों को भी नाराज न होने देना उनके जीवन के अहम हिस्सों में शामिल रहा है।

नौकरी के लंबे सफर के बाद अब वह अपने जीवन के इस नए पड़ाव में परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने के साथ दोस्तों के साथ भी अपनी पुरानी यारियों को उसी गर्मजोशी से आगे बढ़ाना चाहते हैं।

बंटी के करीबी मित्र आकाश बिश्नोई, शशि पंडित, शिशु भाई, मीनू कंवर, धर्मपाल सहित अन्य दोस्तों ने उनकी सेवानिवृत्ति पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। मित्रों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना की।

37 वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद बंटी अब नौकरी की जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए हैं, लेकिन चेतक की सवारी, दोस्तों की महफिल और रिश्तों को दिल से निभाने की उनकी पहचान नाहन में यूं ही कायम रहने वाली है।