निवेशकों में हड़कंप
हमीरपुर जिले की ताल कृषि सहकारी सभा सीमित में 2.50 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस घोटाले के उजागर होने से सभा के निवेशकों में हड़कंप मच गया है। विभागीय जांच में गबन की पुष्टि हुई है, और अब तक 40 लाख रुपये की रिकवरी की बात सामने आई है।
फिक्स्ड डिपॉजिट में गड़बड़ी
सभा सचिव पर एफडी में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। निवेशकों ने विभाग से शिकायत की थी, जिसके बाद रिकॉर्ड की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सभा सचिव ने निवेशकों को दिए गए फिक्स्ड डिपॉजिट दस्तावेजों में गड़बड़ी की थी।
ऑडिट में गड़बड़ियों का खुलासा
हर साल सभा के हाउस में पंजीकृत ऑडिटर को जांच के लिए नियुक्त किया जाता है। पहले यह अधिकार सभा हाउस के पास था, लेकिन हाल ही में नियमों में बदलाव के कारण अब विभागीय ऑडिटर की जांच अनिवार्य कर दी गई है।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
विभागीय ऑडिट में गंभीर वित्तीय खामियां उजागर हुईं, जिसके बाद फिक्स्ड डिपॉजिट रिकॉर्ड की जांच की गई और करीब 2.50 करोड़ रुपये के गबन का पता चला। ऑडिट करने वाले अधिकारी ने इस घोटाले की पुलिस को सूचना दी है।
अन्य सहकारी सभाओं में भी घोटाले
इससे पहले पंधेड़, बल्यूट और लंबलू क्षेत्र की सहकारी सभाओं में भी करोड़ों के गबन के मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों में दोषियों की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
संगरोह सहकारी सभा में भी घोटाले की आशंका
संगरोह सहकारी सभा में भी गबन की शिकायत भोरंज पुलिस को सौंपी गई है। इस सभा में विभाग ने कुछ प्रशासकों की नियुक्ति भी की थी, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। यहां भी करोड़ों के गबन की आशंका जताई जा रही है, और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वीना भाटिया, सहायक पंजीयक, सहकारिता विभाग हमीरपुर, ने बताया कि ताल कृषि सहकारी सभा सीमित के ऑडिट में गड़बड़ी पाई गई है और विभाग इस मामले की जांच कर रहा है। अब तक 40 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





