HNN/ शिमला
राजधानी शिमला की जुन्गा तहसील के पीरन गांव में त्रिदेव अर्थात तीन देवताओं के मिलन कार्यक्रम पारंपरिक ढंग से संपन हुआ। इस त्रिदेव यज्ञ के पावन अवसर पर क्षेत्र के सैंकड़ों की तादाद लोगों ने देवताओं का आर्शिवाद प्राप्त किया।
वरिष्ठ नागरिक दया राम वर्मा, दौलतराम मेहत, अतर सिंह ठाकुर, प्रीतम सिंह ठाकुर, चुन्नीलाल ठाकुर, जबर सिंह ठाकुर, हंस राज वर्मा ने बताया कि देव जुन्गा के स्वरूप चंद देवता ठूंड से पहली बार पीरन पधारे हैं।
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इसके अतिरिक्त बाल देवता देवठी और कूंथली देवता पजाल का पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ एक धार्मिक समारोह में पीरन पहूंचे। स्थानीय लोगों ने देव परंपरा के अनुरूप तीनों देवताओं का स्वागत किया।
इस मौके पर वाद्य यत्रों की विशेष देव धुन पर पीरन के चैपाल जुब्बड़ में पूजा अर्चना की गई तथा देवता के गुर नंदलाल शर्मा, हीरानंद शर्मा और जयनंद द्वारा देववाणी से लोगों को आर्शिवाद के रूप में चावल के दाने दिए गए।
देवता के भंडारी दौलत राम मेहता ने बताया कि क्षेत्र के लोग अपनी मनौती पूर्ण होने पर अथवा बड़े बेटे की बधाई तथा विशेष मुसीबत टल जाने पर देवताओं की विशेष पूजा करवाई जाती है।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र में भूमि की खरीदने पर भी देवता की पजावज देनी अनिवार्य होती है तभी भूमि का फल मिलता है। दौलत राम मेहता ने बताया कि शास्त्रों में देव दर्शन का बहुत महत्व होता है। देव दर्शन से जहां लोगों के संकटो का निवारण होता है वहीं पर लोगों में आस्था व श्रद्धा बढ़ती है।
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