दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर शुक्रवार सुबह 6 बजे घटकर 208.46 मीटर हो गया है। लेकिन लगातार खतरे के निशान 205.33 के ऊपर बना हुआ है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि गुरुवार को दिल्ली में यमुना नदी के निचले इलाकों से कुल 23,692 लोगों को निकाला गया है। जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के कारण सड़कें नदियों में बदल गईं और पानी घरों, अस्पतालों, श्मशान घाटों और आश्रय घरों में घुस गया है।
वहीँ यमुना के जलस्तर में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी ने दिल्लीवालों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। भले ही जलस्तर अब कम हो रहा है, लेकिन संकट अभी भी बरकरार है। भारी बारिश के बाद दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का उफान बरकरार है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। आईटीओ के पास पानी भर चुका है।
नदी के किनारे की बस्तियों से आगे बढ़कर पानी लाल किला और रिंग रोड तक पहुंच गया। इसी के चलते आज लाल किले में पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी गई है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए दिल्ली में सभी स्कूलों को 16 जुलाई तक बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली का गढ़ी मांडू गांव बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है। पूरे गांव में पानी भर चुका है। लोगों को लगातार सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है। दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में भी चारों तरफ पानी ही पानी भरा है। एनडीआरएफ की तरफ से नाव के जरिए लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है।
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