Loading...

बड़ी खबर: सरकार ने एक झटके में बैन कीं 16 दवाएं, कहीं आपकी दवा भी तो नहीं? तुरंत देखें पूरी सूची

Shailesh Saini • 2 Hours Ago • 1 Min Read

एंटीबायोटिक से लेकर दर्द और डायबिटीज की दवाओं तक पर कार्रवाई, मेडिकल स्टोर्स से स्टॉक हटाने के आदेश

हिमाचल नाऊ न्यूज़ नई दिल्ली।

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य नियमित रूप से एंटीबायोटिक, दर्द निवारक या डायबिटीज की दवाएं लेता है तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने देशभर में इस्तेमाल हो रही 16 फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इन दवाओं के पीछे पर्याप्त वैज्ञानिक और चिकित्सकीय आधार नहीं पाया गया तथा इनके इस्तेमाल से मरीजों को संभावित नुकसान पहुंचने की आशंका अधिक है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 26ए के तहत अधिसूचना जारी करते हुए इन दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद विशेषज्ञ समिति की विस्तृत जांच और समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

किन दवाओं पर लगा प्रतिबंध?

प्रतिबंधित दवाओं में संक्रमण, सूजन, दर्द, पेट की ऐंठन, मधुमेह और त्वचा देखभाल से जुड़े कई लोकप्रिय सॉल्ट कॉम्बिनेशन शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से अमोक्सिसिलिन, सेराटियोपेप्टिडेज, सेफ्यूरोक्सिम, सेफाड्रॉक्सिल, डाइसाइक्लोमाइन, पेरासिटामोल, क्लिडिनियम ब्रोमाइड और ग्लिक्लाजाइड आधारित कई संयोजन शामिल हैं।

इसके अलावा एलोवेरा, विटामिन-ई, जोजोबा ऑयल, ऑरेंज ऑयल, टी-ट्री ऑयल और अन्य तत्वों से बने कुछ त्वचा देखभाल उत्पादों पर भी रोक लगाई गई है।

क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?

विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन दवाओं के मिश्रण से मरीजों को मिलने वाला लाभ स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो पाया। इसके विपरीत इनसे अनावश्यक दुष्प्रभाव और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने की आशंका पाई गई। इसी आधार पर इन्हें “तर्कहीन दवा संयोजन” मानते हुए प्रतिबंधित करने की सिफारिश की गई।

देशभर में शुरू होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के औषधि नियंत्रकों और प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। दवा कंपनियों, आयातकों, थोक विक्रेताओं और मेडिकल स्टोर संचालकों को इन दवाओं का स्टॉक तत्काल बाजार से हटाने, उत्पादन बंद करने और वितरण रोकने के आदेश दिए गए हैं।

सबसे जरूरी बात

ये प्रतिबंध केवल 16 सॉल्ट कॉम्बिनेशन पर है, लेकिन इन्हीं सॉल्ट्स से बनी सैकड़ों ब्रांडेड दवाएं देशभर में अलग-अलग नामों से बिक रही थीं। ऐसे में मरीजों को सलाह दी जा रही है कि यदि वे किसी दवा का सेवन कर रहे हैं तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से उसकी जानकारी अवश्य लें और बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा बंद न करें।

स्वास्थ्य मंत्रालय के इस फैसले के बाद देश के दवा बाजार में बड़ा असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि प्रतिबंधित सॉल्ट्स से जुड़ी सैकड़ों ब्रांडेड दवाएं अब बाजार से गायब होंगी।

Related Topics: