राजगढ़ में भगवान परशुराम जयंती पर वैदिक मंत्रों की गूंज, श्रद्धा और एकता का अनुपम संगम
राजगढ़
शिरगुल चौक पर मुख्य समारोह में एसडीएम ने किया भगवान परशुराम के आदर्शों का स्मरण
राजगढ़ के शिरगुल चौक पर भगवान परशुराम जयंती का भव्य आयोजन धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समारोह में वैदिक मंत्रों के जाप से वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीएम राजगढ़ राजकुमार ठाकुर ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से धर्म, सत्य और नैतिक मूल्यों का अनुसरण करने का आह्वान किया।
भगवान परशुराम को शक्ति, ज्ञान और त्याग की प्रतिमूर्ति बताया
सभा को संबोधित करते हुए श्री ब्राह्मण समाज इकाई के अध्यक्ष हरदेव भारद्वाज ने क्षेत्रवासियों को भगवान परशुराम जयंती की शुभकामनाएं दीं और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। मुख्य वक्ता आचार्य सुभाष शर्मा ने भगवान परशुराम के चरित्र को शक्ति, ज्ञान और त्याग का प्रतीक बताते हुए श्रोताओं को अपने ओजस्वी विचारों से मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भारतीय संस्कृति और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने पर बल दिया।
भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे ने बढ़ाया आयोजन का आकर्षण
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने भक्तिमय भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। समापन पर आयोजित विशाल भंडारे में सैकड़ों लोगों ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन ने धार्मिक भावना के साथ सामाजिक एकता का भी सुंदर संदेश दिया।
धार्मिक उत्साह और सामाजिक समरसता का अनूठा उदाहरण रहा आयोजन
भगवान परशुराम जयंती का यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की प्रेरणा भी प्रदान कर गया। समारोह में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालु भगवान परशुराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेकर लौटे।