केंद्र से मिली सहायता पर भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने पारदर्शी और परिणाम-मुखी खर्च की मांग की। उन्होंने क्षतिग्रस्त शिक्षण संस्थानों की मरम्मत और विभागीय प्रगति का ब्यौरा सार्वजनिक करने को कहा।
सिरमौर
केंद्र से मदद का दावा
कश्यप ने कहा कि आपदा राहत के लिए राज्य को विभिन्न मदों में बड़ी राशि दी गई है और अतिरिक्त शोध परियोजना भी स्वीकृत हुई है, जिससे कुल सहायता दस हज़ार करोड़ से अधिक बैठती है। उन्होंने आग्रह किया कि हर रुपया ज़मीनी बहाली और पुनर्वास पर दिखना चाहिए।
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शिक्षण संस्थान क्षतिग्रस्त—सरकार से सवाल
उनके अनुसार प्रदेश में सैकड़ों शिक्षण संस्थान प्रभावित हुए हैं; कुछ के लिए धन जारी होने के बावजूद खर्च शून्य बताया जा रहा है। सिरमौर, शिमला और सोलन के प्रभावित स्कूलों की मरम्मत पर ठोस प्रगति, समयसीमा और उपयोगिता प्रमाणपत्र सार्वजनिक करने की मांग रखी गई।
आवास, हाईवे और अन्य परियोजनाएं
उन्होंने कहा कि आवास, राष्ट्रीय राजमार्ग, बीआरओ और फोर-लेन जैसे कार्य केंद्र से तेज़ी से चल रहे हैं; राज्य सरकार को इनसे जुड़े पुनर्निर्माण कार्यों का तालमेल दुरुस्त करना होगा।
मांग: पारदर्शी व निष्पक्ष खर्च
कश्यप ने कहा कि सहायता राशि का उपयोग बिना पक्षपात, स्पष्ट प्राथमिकताओं और सोशल ऑडिट के साथ हो; जिले-वार प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से सार्वजनिक की जाए।
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