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हिमाचल प्रदेश में जल्द शुरू हो सकती हैं भर्तियां

Shailesh Saini 12 May 2025 Edited 12 May 1 min read

राज्य चयन आयोग ने सरकार से मांगी अनुमति, आयोग सचिव ने कार्मिक विभाग को लिखा पत्र

हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

राज्य चयन आयोग, हमीरपुर ने प्रदेश सरकार से नई भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी है। आयोग के सचिव ने इस संबंध में कार्मिक विभाग के सचिव को पत्र भेजा है।

अब सरकार के निर्देशों के बाद ही आयोग आगे की कार्रवाई करेगा।इससे पहले, मंत्रिमंडल ने चयन आयोग द्वारा अभ्यर्थियों से ली जाने वाली फीस का निर्धारण कर दिया है, जिसकी सूचना कार्मिक विभाग जल्द ही आयोग को देगा।

हालांकि, आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के लिए केवल फीस का निर्धारण ही पर्याप्त नहीं है।सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सरकार ने अनुबंध भर्तियों को समाप्त कर दिया है।

राज्य चयन आयोग जेबीटी और टीजीटी के कमीशन आयोजित करने की तैयारी में है, लेकिन अब इनके भर्ती नियम नए सिरे से बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, जिन अभ्यर्थियों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नौकरी की पेशकश की गई है, उन्हें सरकार ने फिलहाल दो साल के लिए ट्रेनी के तौर पर रखने का निर्णय लिया है।

नई भर्तियों को लेकर सबसे पहले यह तय करना होगा कि ये किस नियमों के तहत होंगी। इससे पहले, राज्य के कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को पत्र लिखकर नए नियमों का इंतजार करने के लिए कहा है।

हालांकि, कैबिनेट ने इसके लिए एक कैबिनेट उप-समिति का गठन कर दिया है, जिसकी अधिसूचना अभी जारी होनी बाकी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कार्मिक विभाग राज्य चयन आयोग को क्या जवाब देता है, क्योंकि नए आवेदनों की प्रक्रिया इसी पर निर्भर करेगी।

आईटी विभाग का ओटीआर सिस्टम तैयारइन भर्तियों के लिए राज्य चयन आयोग ने राज्य के आईटी विभाग से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) का नया सिस्टम तैयार करवाया है। इस सिस्टम के तहत सभी विभाग अपनी रिक्तियां भेजेंगे और आवेदक एक बार पंजीकरण करने के बाद विभिन्न पदों के लिए आसानी से आवेदन कर सकेंगे।

इस नए सिस्टम की विशेषता यह है कि यदि कोई अभ्यर्थी किसी पद के लिए पात्र नहीं है, तो उसका आवेदन स्वीकार ही नहीं किया जाएगा।फिलहाल, राज्य चयन आयोग को सरकार के जवाब का इंतजार है,

जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आयोग को नए भर्ती नियमों का इंतजार करना होगा या अस्थायी आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। सरकार का निर्णय ही यह तय करेगा कि प्रदेश के युवाओं के लिए भर्तियों का द्वार कब खुलता है।