हिमाचल में फुटबॉल संघ के कामकाज पर उठे सवाल, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वेलफेयर एसोसिएशन ने उठाई आवाज
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से जांच की मांग की, 15 साल के रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने पर दिया जोर
हिमाचलनाऊ न्यूज़ नाहन :
भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के संविधान पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश में भी फुटबॉल संघ के कामकाज में सुधार की मांग उठने लगी है।
हिमाचल प्रदेश फुटबॉल वेलफेयर एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए हिमाचल प्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन (HPFA) और इसकी जिला इकाइयों (DFA) में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया है।
एसोसिएशन के राज्य संयोजक नरिंदर थापा ने बताया कि पिछले 14 वर्षों से HPFA में महासचिव और कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर दो ही व्यक्तियों का बने रहना संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह न केवल खेल के विकास को रोक रहा है, बल्कि संगठन की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है।
वेलफेयर एसोसिएशन ने अपनी मांगों को सामने रखते हुए कहा कि HPFA और सभी जिला फुटबॉल एसोसिएशन की कार्यप्रणाली को संवैधानिक नियमों के अनुसार चलाया जाए। उन्होंने एक उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन की मांग की है, जो यह सुनिश्चित करे कि सभी जिला फुटबॉल एसोसिएशन सही तरीके से गठित किए गए हैं और उनकी कार्यकारिणी का चुनाव भी विधिवत हुआ है।
इसके अलावा, एसोसिएशन ने पिछले 15 वर्षों के HPFA और जिला फुटबॉल एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों के रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने की भी मांग की है। उनका मानना है कि जब तक जिला स्तर पर संगठन साफ-सुथरे और जिम्मेदार नहीं होंगे, तब तक राज्य स्तर पर एक मजबूत और ईमानदार फुटबॉल संगठन नहीं बन सकता।
एसोसिएशन ने घोषणा की है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री, खेल मंत्री, HPFA के अध्यक्ष और AIFF के अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी मांगों और सुझावों को उनके सामने रखेंगे। उन्होंने राज्य के सभी फुटबॉल प्रेमियों, खिलाड़ियों और खेल से जुड़े संगठनों से इस सुधार आंदोलन में साथ देने की अपील की है, ताकि हिमाचल में फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।