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16 लंबित DA किस्तों पर पेंशनरों का गुस्सा, नाहन में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

Shailesh Saini 14 Oct 2025 Edited 14 Oct 1 min read

हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन (सिरमौर)

हिमाचल दस्तक ब्यूरो हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों ने अपनी 16 लंबित महंगाई भत्ता (DA) किस्तों और अन्य जायज़ बकायों के भुगतान में हो रही देरी को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय नाहन में जोरदार प्रदर्शन किया।

हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के बैनर तले एकजुट हुए पेंशनरों ने जुलूस निकालकर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताई और उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

इस विरोध प्रदर्शन में डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट ओम प्रकाश शर्मा और जनरल सेक्रेटरी प्रमोद गौतम (सिरमौर) के साथ-साथ रवि दत्त भारद्वाज (सिरमौर) सहित फ्रंट के अन्य सदस्य शामिल रहे।

ज्ञापन में फ्रंट ने सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि कि आज के पेंशनर ही वे व्यक्ति हैं जिन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों, सड़कों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कड़ी मेहनत और समर्पण से हिमाचल प्रदेश की नींव रखी थी।

फ्रंट ने कहा कि उनकी ईमानदार सेवा ने ही हिमाचल प्रदेश को देश में एक मॉडल पहाड़ी राज्य बनाने में अतुलनीय योगदान दिया है। इसके बावजूद, सरकार उनकी मांगों के प्रति उदासीन बनी हुई है।

उन्होंने जोर दिया कि 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के वैधानिक बकाये का एक substantial हिस्सा अभी भी लंबित है, जिससे हजारों वरिष्ठ नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

प्रदर्शनकारी पेंशनरों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी जायज़, न्यायसंगत और लंबे समय से लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो जारी उपेक्षा उन्हें पूरे राज्य में आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर करेगी।

फ्रंट ने विशेष रूप से महंगाई भत्ते की 16 लंबित किस्तों को बकाया राशि (Arrears) के साथ तत्काल जारी करने, एचआरटीसी और बिजली बोर्ड के पेंशनरों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को समाप्त कर उन्हें समय पर पेंशन देने और छठे वेतन आयोग के तहत 50,000 रुपये का एकमुश्त लाभ देने की मांग की।

इसके अतिरिक्त, संयुक्त सलाहकार समिति (JCC) का गठन, लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के लिए पर्याप्त बजट, छठे वेतन आयोग की बकाया राशि का भुगतान एक ही किस्त में, और कम्यूटेशन अवधि को 15 साल से घटाकर 13 साल करने की मांगें भी ज्ञापन में शामिल की गईं।

फ्रंट ने उम्मीद जताई है कि सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर पूरी निष्ठा से राज्य की सेवा करने वाले इन वरिष्ठ नागरिकों को बहुप्रतीक्षित राहत प्रदान करेगी।