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  • नकली रॉ मैटीरियल मामले के छीटें सरकार और विभाग के दामन पर

    नकली रॉ मैटीरियल मामले के छीटें सरकार और विभाग के दामन पर

    भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने स्वास्थ्य सचिव, ड्रग विभाग और मुख्यमंत्री पर जड़े हैं आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप

    HNN/बद्दी

    प्रदेश में घटित संवेदनशील और बहुचर्चित नकली रॉ मैटीरियल मामले के छीटें कहीं न कहीं अब सरकार और संबंधित विभाग के दामन पर लगते दिखाई दे रहे हैं। जिस तरह से विपक्ष ने इस मामले में पर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और स्वास्थ्य सचिव पर आरोपियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप जड़े हैं। उससे इस मामले में सरकार घिरती नजर आ रही है।

    मामले में संलिप्त मुख्य आरोपी फर्म केसी ओवरसीज का लाईसेंस रद्द होने के बाबजूद दोबारा लाईसेंस को बहाल करना और कोर्ट से तीन महीने पहले जमानत याचिका रद्द होने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होना कहीं न कहीं प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य सचिव और ड्रग विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। वहीं विपक्ष के आरोपों को भी पुख्ता करता है।

    28000 किलो से अधिक नकली रॉ मैटीरियल की खरीद फरोख्त के इस मामले से प्रदेश से केंद्रीय ड्रग आथॉरिटीयिां जहां हिली हुई हैं, वहीं जीवन रक्षक दवाओं के निर्माण में ऐसी चूक सीधे सीधे मानव जीवन से एक बड़ा खिलवाड़ है। वहीं पिछले कुछ समय से प्रदेश में बनी दवाओं के सर्व स्टैंर्ड होना और बार बार सैंपल फेल होने का एक कारण यह भी माना जा रहा है कि अगर रॉ मैटीरियल की गुणवत्ता ही सही नहीं थी तो उससे बनी दवाईयों की गुणवत्ता कैसे सही बेगी।

    केसी ओवरसीज के अपील पर क्यों कर दिया गया रद्द लाईसेंस फिर से बहाल

    नकली रॉ मैटीरियल का मामला सामने आने के बाद ड्रग विभाग ने मुख्य आरोपी फर्म केसी ओवरसीज और सहयोगी फर्म अलाईड फार्मा का लाईसेंस रद्द कर दिया था। लेकिन जांच के कुछ समय बाद ही केसी ओवरसीज की अपील पर प्रदेश स्वास्थ्य सचिव ने कंपनी के एक अन्य मालिक को एड ऑन करके लाईसेंस को फिर से बहाल कर दिया।

    अब सवाल यह उठता है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई, न ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुई, आरोपी खुले घूम रहे हैं तो कैसे प्रदेश स्वास्थ्य सचिव ने इनका रद्द लाईसेंस बहाल कर दिया। भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने जारी अपने प्रैस नोट में कहा कि मिली भगत के तहत लाईसेंस बहाल करके आरोपियों को बचा मैटीरियल इधर उधर करने का मौका दिया गया। वहीं जांच के दौरान ही लाईसेंस बहाल कर दिया जाना अपने आप में सरकार की मंशा और आरोपियों को संरक्षण देने के विपक्ष के आरोपों को भी पुख्ता करता है।

    बड़ा सवाल- मामले में संलिप्त सहयोगी फर्म को मालिक अंदर तो मुख्य आरोपी कैसे बाहर

    केसी ओवरसीज के लिए विदेशी फर्म जेआरएस का नकली रॉ मैटीरियल बनाने और पैक करने वाली कंपनी अलाईड फार्मा पर कार्रवाई के दौरान उसका लाईसेंस रद्द कर दिया गया था। वहीं अलाईज फार्मा के लाईसेंस होल्डर को भी गिरफ्तार कर लिया गया था जो कि अभी भी सलाखों के पीछे है। लेकिन इस सारे स्कैम के मास्टर माईंड अभी भी बाहर खुले घूम रहे हैं। आरोपियों ने कोर्ट में जमानत याचिका भी लगाई थी और 3 महीने पहले कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका रद्दी कर दी थी।

    लेकिन तीन महीने बाद भी अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी न हो पाना कई सवाल खड़े करता है। आखिर किस की शह पर अभी तक इस सपूरियस ड्रग मामले के मुख्य आरोपी बाहर खुले घूम रहे हैं। ऐसे कौन से आकाश या पाताल में आरोपियों की शरण ली हुई है कि उनकी गिरफ्तारी संभव नहीं हो पाई। इस पूरे मामले में विपक्ष और भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने जो आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप सरकार और संबधित विभाग पर जड़े हैं कहीं न कहीं पुख्ता होते नजर आते हैं।

    प्रदेश में बनी दवाईयों के सैंपल फेल होने के बावजूद भी क्यों गंभीर नहीं सरकार

    पिछले लंबे समय से प्रदेश का सबसे बड़ा फार्मा हब दवाईयों के लगातार हो रहे सैंपल फेल को लेकर चर्चा में है। लेकिन इस मामले में सरकार गंभीर नहीं दिख रही। वहीं सैंपल फेल होने का एक कारण नकली रॉ मैटीरियल भी माना जा रहा है। अगर रॉ मैटीरियल की गुणवत्ता ही सही नहीं होगी तो फिर उससे बनने वाली जीवन रक्षक दवाईयों के सैंपल फेल होना तो लाजमी है।

    सैंपल फेल होने का मामला केंद्रीय ड्रग ऑथारिटी और केंद्र सरकार के भी ध्यानार्थ है और कई जांच एजेंसियां इसके कारणों की जांच कर रही हैं। लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस मामले में गंभीर न होकर उल्टा प्रदेश की साख पर बट्टा लगाने वालों को संरक्षण देती नजर आ रही है। भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने आरोपों की फेरहिस्त में मुख्य स्वास्थ्य सचिव पर कार्रवाई की मांग तक उठाई है।

    हमेशा विवादों में रहने वाले स्टेट ड्रग कंट्रोलर की रिटायरमेंट के बावजूद सेवा विस्तार के प्रयास क्यों

    प्रदेश में सरकार चाहे भाजपा की हो या कांग्रेस की हमेशा विवादों और शिकायतों के घेरे में रहने वाले स्टेट ड्रग कंट्रोलर सरकारों के चेहते रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने जारी प्रेस नोट में यह भी आरोप जड़ा है कि रिटायरमेंट के बावजूद भी स्टेट ड्रग कंट्रोलर को सेवा विस्तार दिलाने के प्रयास प्रदेश सरकार के कुछ सीपीएस, विधायक व कांग्रेस नेता कर रहे हैं। जबकि भाजपा के कार्यकाल में भी बद्दी से शिमला तबादला होने के चलते कुछ माह बाद ही नवनीत मारवाहा को वापिस बद्दी भेज दिया गया था।

    स्टेट ड्रग कंट्रोलर पर इससे पहले भी कई आरोप लग चुके हैं और एक बाहर तो वीजिलेंस की कार्रवाई की गाज भी उन पर गिर चुकी है। फार्मा विजनेसमैन एमसी जैन ने शिकायत का एक लंबा चौड़ा चिट्ठा प्रदेश व केंद्र सरकार के साथ साथ जांच एंजेसियों को भेजा था। लेकिन वह शिकायतें स्टेट ड्रग कंट्रोलर के वर्र्चस्व के आगे दबकर रह गई। ऐसे में विवादों के घिरे अधिकारी को रिटायमेंट के बावजूद सेवा विस्तार देने के प्रयास सरकार तथा कांग्रेस पार्टी के नेताओं की मंशा पर सवाल खड़े करते हैं।

    विपक्ष ने भी इस सेवा विस्तार पर सवाल खड़े किए हैं और अगर यह सेवा विस्तार होता है तो आने वाले समय में यह केसी ओवरसीज का नकली रॉ मैटीरियल मामला, आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप और विवादित अधिकारी को सेवा विस्तार का मुद्दा विधानसभा में गूंजेगा और सरकार से जबाबदेही मांगी जाएगी।

    बहरहाल यह नकली रॉ मैटीरियल मामला, विपक्ष के आरोपियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप, हिमाचल में बनी दवाईयों के सैंपल फेल होने का मामला कहीं न कहीं सुक्खू सरकार के गले की फांस बनता नजर आ रहा है। इतने गंभीर मामले पर दी गई ढील, लाईसेंस बहाली, आरोपियों का खुला घूमना सरकार, ड्रग विभाग और स्वास्थ्य मंत्रालय के दामन पर दाग लगाता नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि सरकार इन दागों को कैसे धोती है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

  • बहुचर्चित केसी ओवरसीज नकली रॉ मैटीरियल मामले में विभाग की कार्यवाही सवालों के घेरे में

    बहुचर्चित केसी ओवरसीज नकली रॉ मैटीरियल मामले में विभाग की कार्यवाही सवालों के घेरे में

    लगभग तीन महीने पहले हुई थी आरोपियों की जमानत रद्द, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं

    HNN/ बद्दी/ ओम शर्मा

    हिमाचल प्रदेश के इतिहास में सबसे बड़े नकली रॉ मैटीरियल स्कैम जिसने हिमाचल से दिल्ली तक संबंधित विभागों की नींद उड़ा रखी है यह मामला अभी तक सवालों के घेरे में ही चल रहा है। वहीं अब इस मामले में आरोपियों की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है और विभाग बिना गिरफ्तारी के ही चार्जशीट पेश करने की तैयारी कर रहा है। जिससे इस मामले में विभाग की कार्यप्रणाली जहां समझ से परे है वहीं सवालों के घेरे में भी है।

    हैरानी इस बात की है कि लगभग तीन महीने पहले आरोपियों की जमानत कोर्ट ने रद्द कर दी थी, लेकिन बाबजूद इसके अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई जो कि खुद में एक बड़ा सवाल है और कहीं न कहीं जांच एजेसियों की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाता नजर आ रहा है। ऐसे कौन से आकाश या पाताल में आरोपी छुपे हैं जिनकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई। इस मामले में अंकित सिंगला व अंकुश सिंगला दोनों भाई इस पूरे फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड हैं।

    जब तक यह विभाग के आगे तलब नहीं होते तब तक विभागीय जांच भी अधूरी है और सवालों के घेरे में है। ऐसे में आधी अधूरी जांच के बीच विभाग क्या चार्जशीट पेश करेगा समझ से परे है।
    एक तरफ तो केंद्र व प्रदेश सरकार दवाओं की गुणवत्ता को लेकर नीतियां बनाने और टीमों का गठन कर दबिशें दी जा रही हैं ताकि दवा उत्पादों की गुणवत्ता को सुधारा जा सके। वहीं दूसरे और नकली दवा मैटीरियल मार्केट में बेचकर दवा उत्पादों की साख पर बट्टा लगाने वाले अभी तक भी खुले घूम रहे हैं।

    यह मामला कोई छोटा मामला है, जब रॉ मैटीरियल ही नकली था तो उससे बनने वाली दवाओं की गुणवत्ता कहां से मानकों पर सही उतरेगी। यह जीवन रक्षक दवाएं मानव को बचाने के लिए हैं न कि मानव जाति का संहार करने के लिए। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर इस पूरे मामले में ड्रग विभाग द्वारा जांच में ढील कहां छोड़ी जा रही है। जब कोर्ट ने आरोपियों की जमानतें रदद कर दी थीं तो उसी समय विभाग को दोनों मुख्य सरगनाओं की धड़पकड़ के लिए जाल बिछा लेना चाहिए था।

    ताकि दोनों धरे जाते और जांच में सारी सच्चाई सामने आ पाती। लेकिन हैरानी इस बात की है कि अभी तक आरोपी खुले घूम रहे हैं। वहीं इस मामले में यह भी पता चला है कि आरोपियों द्वारा ड्रग विभाग पर अनाधिकृत तरीके से दबाब बनाया जा रहा है ताकि आरोपियों को ढील मिल सके। आज प्रदेश का सबसे बड़ा फार्मा हब बीबीएन नकली दवाओं, सैंपल फेल होने को लेकर सुर्खियों में है। वहीं इस सबके पीछे यह भी बजह मानी जा रही है जब रॉ मैटीरियल की गुणवत्ता ही सही नहीं तो सैंपल पास कहां से होंगे। गुणवत्ता तो छोड़े मैटीरियल की नकली बेचा जा रहा था तो उससे बनने वाली दवाईयां पास कैसे हो सकती थीं।

    ऐसे में अब यह नकली रॉ मैटीरियल मामला जहां ड्रग विभाग के गले की फांस बना हुआ है वहीं बाहर खुले घूम रहे आरोपी जांच और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। अब देखना यह है कि आरोपी कब गिरफ्तार होते हैं और कब ड्रग विभाग चार्जशीट पेश करता है। सूत्रों की मानें तो इस पूरी जांच में कहीं न कहीं पैसे का खेल भी जांच और अन्य चीजों को प्रभावित कर रहा है।

    हालांकि हम इसकी पुष्टि नहीं करते लेकिन तीन महीने से अगर आरोपी खुले घूम रहे हैं तो निष्पक्ष जांच को कहीं न कहीं किसी न किसी तरीके से प्रभावित जरूर किया जा रहा है। लेकिन इस मामले में बिना आरोपियों की गिरफ्तारी के चार्जशीट पेश करना जहां समझ से परे है वहीं विभाग की जांच और कार्यप्रणाली दोनों पर सवाल खड़े कर रहा है। उधर, स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाह का कहना है के मामले में जांच और कार्रवाई चल रही है। आईओ से बात करके आगामी जो भी होगा उसकी जानकारी जरूर सांझा की जाएगी।

  • सेंट बीर्स प्रीमियर लीग इंटर-स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट हुआ संपन्न

    सेंट बीर्स प्रीमियर लीग इंटर-स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट हुआ संपन्न

    सेंट बीर्स इंटरनेशनल स्कूल ने किया फाइनल ट्रॉफी पर कब्जा

    HNN/ बद्दी

    सेंट बीर्स इंटरनेशनल स्कूल द्वारा आयोजित इंटर-स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे दिन 9 दिसंबर को होली चाइल्ड स्कूल, पंचकुला, वी.आर. पब्लिक स्कूल, बद्दी, बद्दी इंटरनेशनल स्कूल और सेंट बीर्स इंटरनेशनल स्कूल की टीमें टूर्नामेंट के सेमीफ़ाइनल में पहुंची। जानकारी देते हुए प्रधानाचार्या बिंदू ने बताया कि बद्दी इंटरनेशनल स्कूल और सेंट बीर्स इंटरनेशनल स्कूल के बीच सेमीफाइनल मुकाबला रोमांचक रहा।

    मैच ड्रा होने के कारण सुपर ओवर में बिरियंस विजयी रही। आयुष चंबियाल की शानदार कप्तानी और टीम के साथियों के बीच समन्वय उल्लेखनीय था। बद्दी इंटरनेशनल स्कूल के प्रतिभाशाली बालक रूद्रे ने मैच में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। दूसरा सेमीफाइनल वी.आर. पब्लिक स्कूल और होली चाइल्ड स्कूल पंचकुला के बीच था, जहां होली चाइल्ड स्कूल ने फाइनल में अपनी जगह बन।

    फाइनल मैच सेंट बीर्स के खेल मैदान में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की एक बड़ी और उत्साही भीड़ के सामने खेला गया। सेंट बीर्स इंटरनेशनल स्कूल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बेहतरीन टीम वर्क और समर्पण के साथ उन्होंने प्रतिद्वंद्वी के रनों को रोकने की कोशिश की। हालाँकि, होली चाइल्ड ने पीछा करने के लिए 122 रनों का शानदार स्कोर बनाया।

    सेंट बीर्स के निमेश और गौरव की सलामी जोड़ी ने साझेदारी का शानदार प्रदर्शन किया। निमेश की प्रतिभा तब स्पष्ट हुई जब उन्होंने टूर्नामेंट में दूसरा व्यक्तिगत 50 रन बनाया और मैन ऑफ द मैच के साथ-साथ मैन ऑफ द सीरीज की ट्रॉफी भी हासिल की। टीम की बेहतरीन बल्लेबाजी के बाद शानदार गेंदबाजी और फील्डिंग ने सेंट बीर स्कूल को प्रतिष्ठित एसपीएल टी-10 टूर्नामेंट जीतने में मदद की।

    इस रोमांचक कार्यक्रम का समापन सम्मान समारोह के साथ हुआ जब मेनेजिंग डायरेक्टर करणबीर राणा और स्कूल प्रिंसिपल बिंदू ने विजेता और उपविजेता दोनों टीमों को ट्रॉफी और पदक सौंपे। इस मौके पर वाइस प्रिंसिपल सोनाली सतपथी, एडमिशन काउंसलर तथा किंडरगार्टन हेड बबली जांगड़ा और एडमिन हेड स्वाति भी मौजूद थी।

    स्कूल मैनेजमेंट ने पी.ई टीचर्स, सुनील और जसबीर के सहयोग और कड़ी मेहनत की प्रशंसा की। उन्होंने सभी टीमों की सराहना की और उभरते खिलाड़ियों को ऐसे मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने का आश्वासन दिया।

  • बिहार के व्यक्ति को इतने किलो गांजे के साथ किया गिरफ्तार….

    बिहार के व्यक्ति को इतने किलो गांजे के साथ किया गिरफ्तार….

    HNN/बद्दी

    जिला सोलन में पुलिस थाना बद्दी की टीम ने 6.340 किलो गांजा के साथ बिहार के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान अनिल कुमार पुत्र राज किशोर निवासी सारन बिहार के रूप में हुई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल कुमार बद्दी फेस-3 में किराए के कमरे में रहता है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अनिल कुमार के कमरे से नशे की सामग्री प्राप्त हो सकती है। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने अनिल कुमार के कमरे में दबिश दी।

    इस दौरान जब उसके कमरे की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 6.340 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जिसके बाद उन्होंने अनिल कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार किया। डीएसपी बद्दी प्रियंक गुप्ता द्वारा मामले की पुष्टि की गई है।

  • बद्दी में ज़िला स्तरीय अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन समारोह आयोजित

    बद्दी में ज़िला स्तरीय अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन समारोह आयोजित

    स्वास्थ्य मंत्री व मुख्य संसदीय सचिव ने 64 व्हील चेयर, 14 श्रवण यंत्र सहित अन्य चीजें की वितरित

    HNN/ बद्दी

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं इन तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ समय पर पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है। डॉ. शांडिल आज सोलन ज़िला के बद्दी में आयोजित ज़िला स्तरीय अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे।

    डॉ. शांडिल ने कहा कि दिव्यांग का अर्थ यह नहीं कि वे किसी से कमज़ोर हैं बल्कि दिव्यांगजन में आम लोगों की तुलना अधिक आत्मबल और इच्छा शक्ति होती है। कोई भी दिव्यांग अपने आप को दिव्यांग न समझे बल्कि अपने आत्मबल के माध्यम से जीवन में सदैव ऊंचा उठने का प्रयास करें। समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए अवसर सृजित करने के लिए कई कदम उठाए हैं ताकि वह आगे बढ़ सकें।

    उन्होंने कहा कि सभी के साथ अच्छा व्यवहार आवश्यक है। दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और आत्मबल प्रदान करने में अच्छा व्यवहार ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति का जीवन साधारण होता हैं हमें उनका मार्गदर्शन करना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ज़िला सोलन में दिव्यांग राहत भत्ता (पेंशन) के तहत 4537 पात्र दिव्यांगजनों को लगभग 3.65 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई हैं।

    उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी अपंग राहत भत्ता के 119 लाभार्थियों को लगभग 12.09 लाख रुपए की राशि तथा 79 दिव्यांग छात्रों को लगभग 07.74 लाख रुपए की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगों को सरकारी नौकरी में 04 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है ताकि इनका जीवन बेहतर बन सके।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार के गठन के तुरंत बाद अपने पहले निर्णय में समाज के संवेदनशील आश्रित वर्ग का सहारा बनने का संकल्प लेते हुए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना आरम्भ की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को 4,000 रुपये मासिक जेब खर्च, कोचिंग के लिए एक लाख, तीन बिस्वा भूमि और मकान निर्माण के लिए 03 लाख रुपये, विवाह के लिए दो लाख रुपये का अनुदान और सूक्ष्म व लघु उद्योग लगाने के लिए दो लाख रुपये का अनुदान प्रदान कर रही है।

    सुखाश्रय योजना के तहत मुख्यमंत्री सुखाश्रय कोष का भी गठन भी किया गया है जिसमें लगभग 04 हजार से अधिक बेहसहारा बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया गया है। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर बर्लिन (जर्मनी) में आयोजित स्पेशल ओलम्पिक वर्ल्ड समर गेम्ज में बास्केटबॉल की टीम प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले खिलाड़ी अविनाश कौंडल को सम्मानित भी किया।

    मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व एवं नगर नियोजन) राम कुमार चौधरी ने कहा कि दिव्यांगजन दिव्य शक्ति से संपन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने दिव्यांगजनों की उपलब्धियों की सराहना भी की। उन्होंने दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक अंतर लाने वाले तथा जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों का आभार जताया।

    उन्होंने इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री से बद्दी में ट्रामा सेंटर स्थापित करने और बद्दी अस्पताल को 100 बिस्तर वाले अस्पताल के रूप में स्तरोन्नत करने की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री तथा मुख्य संसदीय सचिव ने इस अवसर पर 64 व्हील चेयर, 05 बैसाखी, 02 छड़ी, 01 कैलिवर, 14 श्रवण यंत्र, 03 विजू़यल ऐड तथा 01 वॉकर वितरित किए। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।

  • बीबीएन क्षेत्र में वन मित्र बनने के लिए इस दिन तक करें आवेदन….

    बीबीएन क्षेत्र में वन मित्र बनने के लिए इस दिन तक करें आवेदन….

    HNN/बद्दी

    जिला सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में वन विभाग द्वारा युवाओं से वन मित्र बनने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जिसके लिए आवेदन भरने की प्रक्रिया 30 नवंबर से शुरू हो चुकी है जोकि 30 दिसंबर तक जारी रहेगी।

    वन परिक्षेत्र अधिकारी हंसराज शर्मा द्वारा यह जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वन मित्रों के 2061 पद भरे जा रहे हैं व संबंधित पंचायतों के युवाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

    उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार वन विभाग की वेबसाइट या अपने निकटतम वन परिक्षेत्र अधिकारी से आवेदन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 18 से 25 साल तक के युवा इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।

  • परिचालक की बेटी ने डॉक्टर बनकर साकार किया पिता का सपना

    परिचालक की बेटी ने डॉक्टर बनकर साकार किया पिता का सपना

    फॉरेंसिक साइंस में एमएससी कर बायोटेक्नोलॉजी में हासिल की डॉक्टर की उपाधि

    HNN/ बद्दी

    हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर राजिंदर प्रसाद निवासी बटेड़, बरोटीवाला की बेटी हेमलता कालिया (चारू) ने पीएचडी की डिग्री हासिल कर पिता के सपने को साकार किया है। दून हल्के के छोटे से गांव बटेड़ की हेमलता कालिया (चारू) ने बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी की डिग्री हासिल कर पूरे प्रदेश में दून हल्के का नाम रोशन किया है।

    फॉरेंसिक साइंस में एमएससी करने के बाद चारू कालिया ने महाराज अग्रेसन यूनिवर्सिटी से बायोटेक्नोलोजी में डॉक्टर की उपाधि हासिल की। चारू ने यह मुकाम डॉक्टर शिव कुमार गिरी के सुपरविजन में हासिल किया। चारू कालिया एक साधारण परिवार से सम्बंध रखती हैं और उनके पिता परिचालक की नोकरी करने के उपरांत एचआरटीसी से बतौर इंस्पेक्टर सेवानिवृत्त हुए, जबकि उनकी माता ऊषा कालिया गृहणी हैं।

    राजिंदर प्रसाद ने बताया के उन्होंने हमेशा बेटे से ज्यादा बेटी को तरज़ीह दी। उनका सिर्फ एक ही सपना था के उनकी बेटी खूब पढ़ लिखकर एक अलग मुकाम हासिल करे। हेमलता कालिया ने बताया कि इस उपलब्धि को हासिल करने में उनके माता पिता परिवार के साथ साथ गुरुजनों का अहम सहयोग है। जबकि उनके पति गगनदीप चौहान ने भी पूरी सपोर्ट की।

    चारू ने कहा के उनके पिता का सपना साकार करने के लिए उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर दिन रात मेहनत की। भगवान ने भी उनकी मेहनत का फल देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वह भगवान के साथ साथ अपने परिवार व गुरूओं की भी शुक्राना अदा करती हैं। जिन सबके सहयोग से वह अपने पिता के सपने को साकार कर पाई।

  • भाजपा एसटी मोर्चा ने मनाया जनजातीय गौरव दिवस

    भाजपा एसटी मोर्चा ने मनाया जनजातीय गौरव दिवस

    जनजातीय मसीहा बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

    HNN/ बद्दी

    भाजपा एसटी मोर्चा ने जनजातीय गौरव दिवस धूमधाम से मनाया। इस मौके पर जनजातीय मसीहा बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी व उनके पदचिन्हों पर चलने का प्रण लिया। इस मौके पर एसटी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप चौधरी ने बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश डाला। संदीप चौधरी ने कहा के बिरसा मुंडा ने अपना जीवन जनजातीय लोगों के लिए न्योशवर कर दिया।

    लंबे समय तक उन्होंने जनजातीय लोगों के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया और अंत में शहादत प्राप्त की। भारत सरकार द्वारा 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया गया है। इस दिन देश भर में बिरसा मुंडा के सम्मान में जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है। इस मौके एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी, दून भाजपा मंडल अध्यक्ष मान सिंह मेहता व जिला भाजपा सचिव गुरमेल चौधरी ने भी अपने विचार रखे और बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी।

    इस अवसर पर मुख्य रूप से एसटी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप चौधरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष मान सिंह मेहता, जिला भाजपा सचिव गुरमेल चौधरी, मोर्चा जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी, महामंत्री खुशीराम, रामगोपाल बांठ, हरदेव छावड़ी, हेमराज चौधरी, ओमकार चौधरी, राम करन चौधरी, महिंदर चौधरी, राम किशन बजाड़, गुरमुख चौधरी, अशोक चौधरी, राणा चौधरी, डॉक्टर अमरजीत, दिनेश चौधरी, मखन चौधरी, कृष्ण चौधरी, सुरिंदर चौधरी एवं भारी संख्या में एसटी मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • पार्किंग में लगी अवैध दुकाने हटाने में नाकाम रही नप- गुरमेल चौधरी

    पार्किंग में लगी अवैध दुकाने हटाने में नाकाम रही नप- गुरमेल चौधरी

    खुद की दुकानों के आगे की पार्किंग नहीं करवा रहे खाली राम कुमार और लोगों को दे रहे नसीहत – गुरमेल

    HNN/ बद्दी

    जिला भाजपा सचिव गुरमेल चौधरी ने जारी ब्यान में राम कुमार पर निशान साधते हुए कहा कि राम कुमार लोगों को नसीहत देते फिर रहे है की अवैध दुकानों को लगने नहीं दिया जाएगा और वह अपनी दुकानों के आगे नप की पार्किंग पर अवैध कब्जा ही नहीं हटा रहे। गुरमेल चौधरी ने कहा के नगर परिषद में तह बाजारी का ठेका भी दून विधायक ने अपने किसी रिश्तेदार को दिलवा रखा है ताकि वह ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सके।

    इसलिए ये अवैध दुकाने खुलवा रहे है और उनको हटाने का तो सवाल ही नही उठता। गुरमेल चौधरी ने कहा की आस पास के क्षेत्रों से लोग यहाँ खरीदारी करने आते हैं लेकिन यहाँ अक्सर जाम लगा रहता है और परेशानी होती है। पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने से लोग सड़क पर ही अपनी गाडियाँ लगा कर दुकानों में चले जाते हैं जिससे जाम जैसी स्तिथि बन जाती है और पुलिस भी उन गाड़ियों का चलान काट देती है।

    लोगों को बद्दी में खरीदारी करना बड़ा महंगा पड़ रहा है या तो चलान कट जाता है या जाम में घंटो फसे रहते हैं। गुरमेल चौधरी ने कहा की नगर परिषद के अधिकारी भी आँख मूंद कर सोये हैं और पार्किंग में लगी अवैध दुकाने हटाने का पर्यास भी नहीं किया जा रहा। यदि ऐसा ही रहा तो यहाँ के दुकानदार अपनी आजीविका कैसे कमाएंगे क्योंकि पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं हुई तो खरीदारी करने कोई नही आयेगा।

    गुरमेल चौधरी ने कहा के बद्दी साई रोड़ पर सड़क किनारे रेहड़ी फड़ी वालों ने कुछ सत्ताधारी लोगों की शय पर कब्जे कर रखे हैं। यह सत्ताधारी लोग इन रेहड़ी फड़ी वालों से किराया वसूलते हैं। यही कारण है के बद्दी साई रोड़ पर सड़कों किनारे हुए अवैध कब्जों पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती। उन्होंने कहा के अगर जल्द से जल्द बद्दी साई रोड़ से अवैध कब्जे नहीं हटाये गए तो भाजपा नगर परिषद कार्यालय का घेराव करेगी और सड़कों पर उतरने को विवश हो जाएगी।

  • उत्कृष्ट कार्यप्रणाली के चलते हरबंस पटियाल व संजीव शर्मा को दोबारा लघु उद्योग की कमान

    उत्कृष्ट कार्यप्रणाली के चलते हरबंस पटियाल व संजीव शर्मा को दोबारा लघु उद्योग की कमान

    ओम शर्मा को सोशल मीडिया प्रदेशाध्यक्ष व विजय चंदेल को प्रदेश मीडिया अध्यक्ष की जिम्मेदारी

    HNN/ बद्दी

    देश के सबसे बड़े औद्योगिक संगठन लघु उद्योग भारती की हिमाचल इकाई का पुर्नगठन व प्रदेश स्तरीय परिवार मिलन समारोह बद्दी में धूमधाम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरविंद धूमल, राष्ट्रीय सचिव एंव हिमाचल प्रभारी डा. बिक्रम बिंदल की अगुवाई में हिमाचल ईकाई का पुर्नगठन किया गया।

    दो वर्ष की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली के चलते हरबंस पटियाल को दोबारा लघु उद्योग भारती के प्रदेशााध्यक्ष व संजीव शर्मा को प्रदेश महासचिव की कमान सौंपी गई। जबकि अखिल मोहन को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं प्रदेश के धुरंधर पत्रकार ओम शर्मा को लघु उद्योग भारती के सोशल मीडिया प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

    वहीं प्रिंट एंड इलैक्ट्रॉनिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष विजय चंदेल को लघु उद्योग भारती का प्रदेश मीडिया प्रभारी चुना गया। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरविंद धूमल ने हिमाचल इकाई के पुर्नगठन की विधिवत घोषणा की।

    दोबारा प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त हुए हरबंस पटियाल व प्रदेश महासचिव संजीव शर्मा ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने जो भरोसा उन पर दोबारा जताया है उसे कायम रखते हुए आगामी दो वर्षों में हिमाचल इकाई नये आयाम स्थापित करेगी।

    कार्यक्रम की शुरूआज दीप प्रज्जवलन से की गई, जबकि प्रदेशाध्यक्ष हरबंस पटियाल ने बीते दो वर्षों का लेखाजोखा केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत किया। हरबंस पटियाल ने कहा कि हिमाचल में सदस्य संख्या बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर काम किया जाएगा और अधिक से अधिक उद्योगों तक संगठन पहुंचेगा।

    प्रदेश इकाई के पुर्नगठन केे उपरांत उत्पाद समूहों के अध्यक्षों की भी घोषणा की गई। जिसमें चमन गोयल को फूड एंड बेवरेज, विनोद खन्ना को टैक्सटाईल एंव गार्मेंट, हंसानंद झा को कंस्ट्रक्शन प्रोडक्ट, अभिलाष रांगरा को पॉलिमर प्लास्टिक, सुरेंद्र जैन को पैकेजिंग, एनपी कौशिक को ऑटोमोटिव, सतीश सेठी को इलैक्ट्रॉनिक, पियूष शर्मा को कंप्यूटर हार्डवेयर, सुनील धमीजा को स्टील फर्नीचर उत्पाद समूह को अध्यक्ष चुना गया।