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जुर्म

  • गुड़िया केस: पूर्व आईजी जहूर जैदी को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा पर लगाई रोक​

    गुड़िया केस: पूर्व आईजी जहूर जैदी को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा पर लगाई रोक​

    पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत के मामले में मिली थी सजा; अपील के निपटारे तक सस्पेंड रहेगी सजा​

    चंडीगढ़:

    पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व आईजी जहूर जैदी को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कोटखाई पुलिस थाने में आरोपी की हिरासत में हुई मौत (कस्टोडियल डेथ) के मामले में जैदी को सुनाई गई उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है।

    हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक सजा सस्पेंड रहेगी।​

    सीबीआई कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद

    इसी साल जनवरी में चंडीगढ़ स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने जहूर जैदी समेत 7 अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जैदी ने इस फैसले को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया।​

    क्या है पूरा मामला?

    यह मामला साल 2017 के बहुचर्चित गुड़िया रेप और कत्ल कांड से जुड़ा है। उस दौरान पुलिस ने सूरज नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसकी कोटखाई पुलिस थाने में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप था कि पुलिस टॉर्चर के कारण सूरज ने दम तोड़ा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस संवेदनशील मामले की सुनवाई शिमला से चंडीगढ़ की सीबीआई अदालत में ट्रांसफर की गई थी।

    ​हाई कोर्ट का फैसला

    जहूर जैदी की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि जब तक इस मुख्य याचिका का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक सजा के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी। इस फैसले के बाद पूर्व आईजी के पक्ष में एक बड़ी कानूनी जीत देखी जा रही है, हालांकि मामले की अंतिम सुनवाई अभी जारी रहेगी।

  • सिरमौर में नकली ‘पुलिस अफसर’ गिरफ्तार: नीली बत्ती और हूटर लगाकर झाड़ रहा था रौब, कब्जे से हथियार बरामद

    सिरमौर में नकली ‘पुलिस अफसर’ गिरफ्तार: नीली बत्ती और हूटर लगाकर झाड़ रहा था रौब, कब्जे से हथियार बरामद

    खुद को विजिलेंस और सीआईडी का अधिकारी बता रहा था आरोपी; रेणुका जी पुलिस ने बाउंसर्स और दो गाड़ियों सहित दबोचा

    हरिपुरधार/रेणुका जी :

    हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है जो पुलिस की वर्दी और फर्जी पहचान का सहारा लेकर लोगों पर रौब झाड़ रहा था। गिरोह का मुख्य सरगना खुद को कभी विजिलेंस तो कभी सीआईडी (CID) का बड़ा अधिकारी बताकर नीली बत्ती, हूटर और वर्दी का दुरुपयोग कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध रूप से हथियार और लग्जरी गाड़ियां भी बरामद की हैं।

    ​हूटर बजाते पहुँची गाड़ियां, शक होने पर हुई घेराबंदी

    घटना सोमवार शाम की है, जब हरिपुरधार में एक बोलेरो (HP28A-8771) और एक इनोवा (HP07E-0791) हूटर बजाते हुए दाखिल हुईं। गाड़ियों पर पुलिस के बोर्ड लगे देख स्थानीय लोगों और ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को शक हुआ। उस समय संगड़ाह में डीएसपी का पद रिक्त होने और थाना प्रभारी की अनुपस्थिति के चलते पुलिस थाना प्रभारी रेणुका जी प्रियंका चौहान ने तुरंत मोर्चा संभाला और टीम के साथ मौके पर पहुँचकर दोनों गाड़ियों को कब्जे में ले लिया।

    ​वर्दी पहनकर पिछली सीट पर बैठा था फर्जी ‘थ्री स्टार’ अधिकारी

    इनोवा की पिछली सीट पर एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहनकर बैठा था, जिसकी वर्दी पर ‘हिमाचल प्रदेश पुलिस’ (HPP) के बैज और कंधे पर तीन स्टार लगे थे। पूछताछ में उसने अपना नाम उदय शर्मा (26), निवासी नयागांव, मोहाली (पंजाब) बताया। जब पुलिस ने उससे आई-कार्ड मांगा, तो वह कभी खुद को विजिलेंस तो कभी सीआईडी का अफसर बताकर गुमराह करने लगा। संतोषजनक जवाब न मिलने और फर्जीवाड़ा सामने आने पर पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।

    ​किराये के ‘बाउंसर्स’ और हथियारों का जखीरा

    पुलिस को बोलेरो गाड़ी में चालक सहित चार अन्य युवक मिले, जिन्होंने बताया कि उदय शर्मा ने उन्हें किराये पर प्राइवेट सुरक्षाकर्मी (बाउंसर्स) के तौर पर बुलाया था। तलाशी के दौरान इनोवा में बैठे अजय (निवासी करनाल, हरियाणा) के पास से एक रिवॉल्वर और एक .315 बोर की राइफल बरामद हुई। हालांकि अजय के पास लाइसेंस था, लेकिन वह हिमाचल की सीमा में इन हथियारों को कैरी करने के लिए अधिकृत नहीं था, जो सीधे तौर पर आर्म्स एक्ट का उल्लंघन है।

    ​मामला दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस ने मुख्य आरोपी उदय शर्मा और अजय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसपी सिरमौर  निश्चिंत सिंह नेगी ने

    हिमाचल न्यूज़ | लेटेस्ट हिमाचल न्यूज़

    मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि यह गिरोह इलाके में किस मकसद से आया था और क्या इन्होंने क्षेत्र में किसी अन्य व्यक्ति को अपना शिकार बनाया है।

  • फर्जी पुलिस गाड़ियों से घूम रहे आरोपी पकड़े, हथियार लाइसेंस उल्लंघन और पुलिस अधिकारी बनकर घूमने का मामला दर्ज

    फर्जी पुलिस गाड़ियों से घूम रहे आरोपी पकड़े, हथियार लाइसेंस उल्लंघन और पुलिस अधिकारी बनकर घूमने का मामला दर्ज

    श्री रेणुका जी क्षेत्र में पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए फर्जी पुलिस बोर्ड और हूटर लगी गाड़ियों को पकड़ा है। मामले में हथियार लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन और पुलिस अधिकारी बनकर घूमने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

    सिरमौर/श्री रेणुका जी

    गश्त के दौरान हूटर बजाती गाड़ियों पर हुआ संदेह
    श्री रेणुका जी थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ संगड़ाह चौक के पास गश्त व यातायात चेकिंग पर मौजूद थे। इसी दौरान माता श्री रेणुका जी मंदिर की ओर से हूटर बजाते हुए एक बलेरो और उसके पीछे एक इनोवा गाड़ी आई। दोनों वाहनों पर पुलिस बोर्ड और हूटर लगे हुए थे, जबकि इनोवा में एक व्यक्ति पुलिस वर्दी पहनकर बैठा हुआ था। पुलिस ने जब दोनों वाहनों को रुकने का संकेत दिया तो वे तेज रफ्तार से संगड़ाह की ओर भाग गए।

    हरिपुरधार में रोकी गई दोनों संदिग्ध गाड़ियां
    पुलिस ने तुरंत पीछा कर संगड़ाह थाना और हरिपुरधार चौकी को सूचना दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने दोनों गाड़ियों को हरिपुरधार में डिटेन कर लिया। जांच में बलेरो गाड़ी में चालक सहित चार लोग सवार पाए गए, जिनमें चालक की पहचान आमिर हुसैन निवासी जिला शिमला के रूप में हुई।

    इनौवा से हथियार और लाइसेंस उल्लंघन का खुलासा
    दूसरी गाड़ी इनोवा में अजय नामक व्यक्ति सवार पाया गया, जिसके पास एक रिवॉल्वर और 315 बोर राइफल सहित जिंदा कारतूस बरामद हुए। उसने हथियारों का लाइसेंस प्रस्तुत किया, लेकिन जांच में लाइसेंस की एरिया वैलिडिटी शर्तों का उल्लंघन पाया गया। इस आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।

    पुलिस वर्दी पहनकर घूम रहा व्यक्ति भी हिरासत में
    इसी इनोवा की पिछली सीट पर बैठा व्यक्ति पुलिस वर्दी में था, जिसकी वर्दी पर HPP बैज और कंधों पर तीन-तीन स्टार लगे थे। उसने अपना नाम उदय शर्मा बताया और खुद को कभी विजिलेंस तो कभी सीआईडी अधिकारी बताता रहा। पहचान पत्र और तैनाती के संबंध में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

    दोनों मामलों को एक साथ जोड़कर दर्ज किया गया केस
    पुलिस ने हथियार लाइसेंस उल्लंघन और पुलिस अधिकारी बनकर घूमने के दोनों मामलों को जोड़ते हुए उदय शर्मा और अजय के खिलाफ पुलिस थाना श्री रेणुका जी में अभियोग दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

  • मनाली मालरोड में देह व्यापार गिरोह का पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार, चार युवतियां रेस्क्यू

    मनाली मालरोड में देह व्यापार गिरोह का पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार, चार युवतियां रेस्क्यू

    पर्यटन नगरी मनाली के प्रमुख मालरोड क्षेत्र में पुलिस ने लंबे समय से सक्रिय देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जबरन इस धंधे में धकेली गई चार युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।

    कुल्लू/मनाली

    सुनियोजित कार्रवाई में पुलिस को मिली सफलता
    मनाली मालरोड क्षेत्र में देह व्यापार की शिकायतों के बाद पुलिस ने रणनीतिक तरीके से कार्रवाई की। रविवार शाम को पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पर्यटकों से सौदेबाजी कर रहे गिरोह के सदस्यों को मौके पर दबोच लिया, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

    तीन महिलाएं और दो पुरुष गिरफ्तार
    पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार पुरुषों की पहचान 29 वर्षीय विश्वदेव पुत्र धर्मचंद निवासी बढ़ई, तहसील व जिला कुल्लू तथा 23 वर्षीय सूरज पुत्र कर्ण कुमार निवासी जिला कठुआ, जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार महिलाएं दिल्ली और पंजाब से संबंधित बताई जा रही हैं।

    चार युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया
    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार युवतियों को रेस्क्यू किया, जिन्हें जबरन देह व्यापार के धंधे में धकेला गया था। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    थाना प्रभारी को सौंपी गई जांच
    मामले की जांच का जिम्मा थाना प्रभारी मनीष को सौंपा गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क, इसके संचालन और संभावित अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है।

    न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी
    डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है और मामले में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • सिरमौर / राजगढ़ और पांवटा साहिब से दो मामलों में मादक पदार्थ बरामद , मामला दर्ज

    सिरमौर / राजगढ़ और पांवटा साहिब से दो मामलों में मादक पदार्थ बरामद , मामला दर्ज

    जिला सिरमौर में पुलिस ने नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की है। इन मामलों में हेरोइन और भुक्की बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    सिरमौर/राजगढ़/पांवटा साहिब

    डिटेक्शन सेल की नाकाबंदी में हेरोइन बरामद
    पुलिस उप-मंडल राजगढ़ की डिटेक्शन सेल टीम ने गिरिपुल क्षेत्र में गश्त के दौरान एक पिकअप वाहन को जांच के लिए रोका। फल-सब्जी से लदे इस वाहन की तलाशी के दौरान दो व्यक्तियों के कब्जे से कुल 1.48 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। आरोपियों की पहचान अंकुश और राकेश कुमार के रूप में हुई है। दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ पुलिस थाना राजगढ़ में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पांवटा साहिब

    टायर पंचर की दुकान से भुक्की बेचने का खुलासा
    एसआईयू नाहन की पुलिस टीम ने पांवटा साहिब क्षेत्र में सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति के कब्जे से 1 किलो 426 ग्राम भुक्की बरामद की है। आरोपी की पहचान इमरान खान के रूप में हुई है, जो लंबे समय से अपनी टायर पंचर की दुकान की आड़ में नशीले पदार्थ बेचने की गतिविधियों में संलिप्त बताया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।

    आरोपियों से पूछताछ और जांच जारी
    पुलिस के अनुसार दोनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोगों तक पहुंचा जा सके।

  • दुकान में चरस-भुक्की बेच रहा आरोपी गिरफ्तार

    दुकान में चरस-भुक्की बेच रहा आरोपी गिरफ्तार

    एसपी निश्चिंत सिंह नेगी ने की पुष्टि, आरोपी को अदालत ने दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

    राजगढ़/नाहन:

    जिला सिरमौर पुलिस ने नशा माफिया के विरुद्ध अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को जारी रखते हुए राजगढ़ क्षेत्र में नशीले पदार्थों के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में चरस और भुक्की बरामद करने में सफलता हासिल की है।

    ​मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिरमौर निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि शनिवार को पुलिस थाना राजगढ़ की टीम गश्त पर तैनात थी। इस दौरान पुलिस को गुप्त सूत्रों से पुख्ता जानकारी मिली कि राणाघाट निवासी विकास राणा, पुत्र नरेश कुमार, अपनी दुकान में मादक पदार्थ बेचने का अवैध धंधा करता है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकान पर छापा मारा।

    ​तलाशी के दौरान पुलिस ने विकास राणा के कब्जे से 546 ग्राम भुक्की और 472 ग्राम चरस बरामद की। एसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। रविवार को आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश हुए हैं।

    नशा तस्करों को एसपी की चेतावनी

    एसपी निश्चिंत सिंह नेगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशा माफिया के खिलाफ जिला पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस तस्करों के नेटवर्क को खंगाल रही है और इस मामले में आगामी तफ्तीश जारी है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी नशे का अवैध धंधा होता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि युवा पीढ़ी को इस दलदल से बचाया जा सके।

  • राजगढ़ में नशा तस्करी पर कार्रवाई, दुकान से भुक्की व चरस बरामद कर आरोपी गिरफ्तार

    राजगढ़ में नशा तस्करी पर कार्रवाई, दुकान से भुक्की व चरस बरामद कर आरोपी गिरफ्तार

    राजगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नशा तस्करी से जुड़ी कार्रवाई की है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

    सिरमौर/राजगढ़

    गुप्त सूचना पर दुकान में की गई कार्रवाई
    पुलिस थाना राजगढ़ की टीम को गश्त के दौरान गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि राणाघाट क्षेत्र में एक दुकान से मादक पदार्थों की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकान पर छापा मारा।

    भुक्की और चरस बरामद
    तलाशी के दौरान आरोपी विकास राणा के कब्जे से 0.546 ग्राम भुक्की और 0.472 ग्राम चरस बरामद की गई। बरामदगी के बाद आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

    आरोपी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड मंजूर
    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 21 दिसंबर को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मामले में आगामी जांच जारी है।

    नशे के खिलाफ अभियान जारी
    पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिला सिरमौर में नशा तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

  • ऊना के अंब में दवा कारोबारी के घर छापा, 2330 नशीले कैप्सूल और 24.35 लाख नकद बरामद

    ऊना के अंब में दवा कारोबारी के घर छापा, 2330 नशीले कैप्सूल और 24.35 लाख नकद बरामद

    नशे के खिलाफ अभियान के तहत अंब में ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाइयों के साथ लाखों रुपये की नकदी बरामद की गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    गुप्त सूचना पर ड्रग और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई

    जिला ऊना में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र एवं उपमंडल अंब में एक दवा कारोबारी के घर पर ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर अंब की पंचवटी कॉलोनी स्थित एक मकान में की गई।

    घर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद

    छापेमारी के दौरान टीम ने घर की गहन तलाशी ली, जिसमें प्रतिबंधित नशीली दवा ट्रामाडोल के कुल 2330 कैप्सूल बरामद किए गए। इसके साथ ही मौके से लगभग 24.35 लाख रुपये की नकदी भी जब्त की गई।

    थाना प्रभारी की अगुवाई में हुई कार्रवाई

    इस संयुक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी अंब रूप सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर रजत शर्मा, एएसआई रणजीत सिंह, एएसआई सुनील डडवाल, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र कुमार तथा महिला कांस्टेबल नीलम कुमारी शामिल रहे। टीम सुबह से ही मकान की तलाशी में जुटी हुई थी।

    एक आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में पेशी की तैयारी

    ड्रग इंस्पेक्टर की सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी अंकुश (33) पुत्र दर्शन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।

    नशे के खिलाफ अभियान रहेगा जारी

    थाना प्रभारी रूप सिंह ने बताया कि जिला ऊना में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • कालाआम्ब में नशीले कैप्सूल सप्लाई करते एक व्यक्ति गिरफ्तार , कार से दवाइयां बरामद

    कालाआम्ब में नशीले कैप्सूल सप्लाई करते एक व्यक्ति गिरफ्तार , कार से दवाइयां बरामद

    कालाआम्ब क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस ने नशीली दवाइयों की अवैध सप्लाई के प्रयास को नाकाम किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर पुलिस हिरासत में भेजा गया है।


    सिरमौर/कालाआम्ब

    गश्त के दौरान मिली गुप्त सूचना पर कार्रवाई

    एसआईयू नाहन की पुलिस टीम 18 दिसंबर को कालाआम्ब सब्जी मंडी के समीप गश्त पर मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति मोगीनंद से कालाआम्ब की ओर नशीली दवाइयों की सप्लाई करने जा रहा है।

    कार की तलाशी में नशीले कैप्सूल बरामद

    सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्रैंड विटारा कार (नंबर HR04L-6828) की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से दो नशीली शीशियां और तीन स्ट्रिप्स में कुल 72 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए ।

    एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

    पुलिस ने आरोपी रवि कुमार निवासी कालाआम्ब के खिलाफ पुलिस थाना कालाआम्ब में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी को 19 दिसंबर को न्यायालय में पेश किया गया , जहां से उसे 22 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है । मामले में आगे की जांच जारी है ।

  • अनुपमा गुलाटी हत्याकांड: हाईकोर्ट ने बरकरार रखी राजेश गुलाटी की उम्रकैद

    अनुपमा गुलाटी हत्याकांड: हाईकोर्ट ने बरकरार रखी राजेश गुलाटी की उम्रकैद

    72 टुकड़ों की उस खौफनाक दास्तां ने फिर दहलाया उत्तराखंड, अपील हुई खारिज​

    नैनीताल:

    उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के बहुचर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में दोषी राजेश गुलाटी की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखकर न्याय की जीत पर मुहर लगा दी है।

    वरिष्ठ न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक माहरा की खंडपीठ ने राजेश गुलाटी की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी।

    17 अक्टूबर 2010 को अंजाम दी गई इस वारदात ने न केवल देवभूमि बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की गला दबाकर हत्या करने के बाद पत्थर काटने वाले कटर से शव के 72 टुकड़े किए थे और उन्हें बदबू से बचाने के लिए घर में रखे एक नए डीप फ्रीजर में छिपा दिया था।​

    इस मामले का खुलासा करीब दो महीने बाद तब हुआ जब अनुपमा के भाई सुजीत प्रधान को अपनी बहन से बात न हो पाने के कारण शक हुआ। राजेश लगातार बहाने बना रहा था कि अनुपमा कोलकाता चली गई है।

    जब सुजीत देहरादून स्थित उनके घर पहुंचा, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब घर की तलाशी ली, तो डीप फ्रीजर से अनुपमा के शव के टुकड़े बरामद हुए। जांच में सामने आया था कि राजेश गुलाटी का कोलकाता की एक महिला के साथ अवैध संबंध था, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था।

    वारदात वाले दिन भी इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद राजेश ने इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया।​राजेश गुलाटी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और उसने शातिर तरीके से सबूत मिटाने की कोशिश की थी।

    वह धीरे-धीरे शव के टुकड़ों को मसूरी रोड पर अलग-अलग सुनसान जगहों पर फेंकता था। हत्या के वक्त उनके दो मासूम जुड़वां बच्चे भी घर में थे, जिन्हें राजेश ने यह कहकर बहलाया था कि उनकी मां नानी के घर गई है।

    साल 2017 में देहरादून की निचली अदालत ने इसे ‘क्रूरतम’ अपराध मानते हुए राजेश को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब हाईकोर्ट ने भी अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसकी सजा को यथावत रखा है।