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मेरिट से बनेंगे प्रिंसिपल, स्कूलों में शुरू होगा ऑनलाइन निरीक्षण… शिक्षा मंत्री ने किए बड़े ऐलान

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में कई बड़े बदलाव लागू करने की तैयारी में है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मेरिट आधारित प्रिंसिपल पदोन्नति, स्कूलों में ऑनलाइन निरीक्षण और मेधावी छात्रों को डीबीटी के माध्यम से 16 हजार रुपये देने की घोषणा की। साथ ही स्पष्ट किया कि शैक्षणिक सत्र के बीच स्कूलों का मर्जर नहीं किया जाएगा।

शिमला

हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में जल्द कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बुधवार को स्पष्ट किया कि प्रदेश में प्रिंसिपल पदोन्नति नीति अब मेरिट आधारित होगी, जबकि स्कूलों में ऑनलाइन निरीक्षण प्रणाली भी लागू की जाएगी। इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों को रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल डिवाइस योजना के तहत जल्द डीबीटी के माध्यम से 16 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रिंसिपल पदोन्नति नीति की सूची करीब 90 प्रतिशत तैयार हो चुकी है। आवश्यकता पड़ने पर प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रिंसिपलों के कई पद खाली हैं। ऐसे में अतिरिक्त प्रिंसिपलों की नियुक्ति आवश्यकता वाले विद्यालयों में की जाएगी, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत हो सके।

शिक्षा मंत्री ने यह भी साफ किया कि स्कूलों के विलय (मर्जर) की प्रक्रिया शैक्षणिक सत्र के बीच में नहीं की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।रोहित ठाकुर ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर की कुछ सफल व्यवस्थाओं को हिमाचल में अपनाया जाएगा। इसके तहत स्कूलों का ऑनलाइन निरीक्षण शुरू होगा। साथ ही दूरदराज क्षेत्रों के लिए विशेष एक वर्षीय व्यवस्था तैयार की जा रही है और प्रत्येक जिले में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल डिवाइस योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए प्रति छात्र 16 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए जाएंगे। फिलहाल कुछ तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और सरकार जल्द इस योजना को धरातल पर उतारेगी।शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।

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