Employee / स्टडी लीव पर कर्मचारियों को मिलेगा पूरा वेतन, हिमाचल प्रदेश सरकार ने बदले नियम
Employee : हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए स्टडी लीव (अध्ययन अवकाश) से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत अध्ययन अवकाश के दौरान कर्मचारियों को अवकाश शुरू होने से पहले मिलने वाले वेतन के बराबर लीव सैलरी मिलेगी।
शिमला
वित्त (विनियम) विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार केंद्रीय सिविल सेवा (लीव) नियम, 1972 में संशोधन कर अध्ययन अवकाश से जुड़े प्रावधानों को अधिक स्पष्ट बनाया गया है। संशोधित नियमों के तहत भारत के भीतर या विदेश में अध्ययन अवकाश पर जाने वाले पात्र सरकारी कर्मचारियों को अवकाश शुरू होने से पहले मिलने वाले वेतन के बराबर लीव सैलरी मिलेगी। इसके अलावा उन्हें नियमानुसार महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता भी दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य कर्मचारियों को उच्च शिक्षा और पेशेवर प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
छात्रवृत्ति या स्टाइपेंड मिलने पर होगा समायोजन
नए नियमों के अनुसार पूर्ण वेतन के आधार पर लीव सैलरी प्राप्त करने के लिए कर्मचारी को यह प्रमाणित करना होगा कि अध्ययन अवकाश के दौरान उसे किसी प्रकार की छात्रवृत्ति, स्टाइपेंड या अंशकालिक रोजगार के बदले पारिश्रमिक प्राप्त नहीं हो रहा है। यदि कर्मचारी को इनमें से किसी भी माध्यम से राशि प्राप्त होती है, तो उसका समायोजन देय लीव सैलरी में किया जाएगा। हालांकि इस समायोजन के बाद भी कर्मचारी को मिलने वाली लीव सैलरी हाफ-पे लीव के बराबर मिलने वाली राशि से कम नहीं होगी।
नियमों को सरल और व्यावहारिक बनाने पर जोर
राज्य सरकार के अनुसार अध्ययन अवकाश से जुड़े नियमों को अधिक सरल, स्पष्ट और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी कर्मचारियों को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही अध्ययन अवकाश के दौरान मिलने वाले वित्तीय लाभों को लेकर किसी प्रकार की अस्पष्टता भी नहीं रहेगी, जिससे कर्मचारी अपने कौशल विकास के लिए अधिक प्रभावी ढंग से अध्ययन अवकाश का लाभ उठा सकेंगे।