सरकारी स्कूलों में रोज 45 मिनट का जीरो पीरियड, कमजोर विद्यार्थियों के लिए शुरू होगा विशेष शिक्षण कार्यक्रम
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बेहतर बनाने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रतिदिन 45 मिनट का अनिवार्य जीरो पीरियड शुरू किया जाएगा। एलईपी-2.0 के दूसरे चरण के अंतर्गत यह कार्यक्रम 12 सप्ताह तक संचालित होगा, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शिमला
एलईपी-2.0 के तहत शुरू होगा विशेष शिक्षण कार्यक्रम
समग्र शिक्षा अभियान ने सरकारी स्कूलों में अध्ययन कर रहे कमजोर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को बेहतर बनाने के लिए लर्निंग एन्हांसमेंट प्रोग्राम (एलईपी)-2.0 के दूसरे चरण की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन 45 मिनट का अनिवार्य जीरो पीरियड लगाया जाएगा, जिसमें उन विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग दिया जाएगा जिन्हें विशेष रूप से हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषयों में सीखने में कठिनाई हो रही है। कार्यक्रम लगातार 12 सप्ताह तक चलेगा और इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षता को मजबूत करना है।
इन जिलों के स्कूलों में तत्काल लागू किए गए निर्देश
समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला, चंबा, मंडी, सोलन और सिरमौर के शीतकालीन अवकाश वाले सरकारी मिडिल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इसके अलावा ऊना, सोलन और सिरमौर के एक्सट्रीम समर क्लोजिंग स्कूलों को भी इस चरण में शामिल किया गया है। अन्य ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले स्कूलों में कक्षा 7 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था 17 अगस्त से लागू होगी, जबकि कक्षा 6 के विद्यार्थियों के लिए पूरे प्रदेश में कार्यक्रम इसी तिथि से शुरू किया जाएगा।
सप्ताहभर का विषयवार शेड्यूल भी किया तय
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जीरो पीरियड प्रतिदिन अनिवार्य रूप से संचालित किया जाएगा। इस अवधि के दौरान परीक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल गतिविधियां अथवा अन्य शैक्षणिक आयोजन नहीं किए जाएंगे। विभाग द्वारा निर्धारित साप्ताहिक योजना के अनुसार तीन जीरो पीरियड गणित, दो अंग्रेजी और एक हिंदी विषय के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि विज्ञान विषय से जुड़ी सीखने की कमियों को नियमित कक्षाओं के माध्यम से दूर किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को बुनियादी विषयों में अतिरिक्त अभ्यास का अवसर मिलेगा।
कार्य पुस्तिकाएं, क्यूआर कोड और ऑनलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था
कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए समग्र शिक्षा अभियान ने ‘संकल्प’ नाम से विशेष कार्य पुस्तिकाएं तथा शिक्षकों के लिए हैंडबुक तैयार की हैं। विभाग के अनुसार 12 अगस्त तक कक्षा छह की कार्य पुस्तिकाएं सभी स्कूलों में उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसी दिन विद्यार्थियों की पुस्तिकाओं पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर उनका ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद 13 अगस्त को संबंधित शिक्षकों के लिए यूट्यूब माध्यम से ऑनलाइन ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें कार्यक्रम के संचालन, शिक्षण पद्धति और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को एलईपी-2.0 कार्यक्रम का प्रभारी नियुक्त किया है। उन्हें जीरो पीरियड के नियमित संचालन, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अध्ययन में कमजोर विद्यार्थियों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर सीखने की गुणवत्ता में सुधार लाना और विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को बेहतर बनाना है।