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ठियोग वाटर सप्लाई धांधली / उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जांच के आदेश दिए

हिमाचलनाउ डेस्क | 3 जनवरी 2025 at 10:03 am

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Himachalnow / शिमला


उपमुख्यमंत्री का विभागीय सचिव को जांच के आदेश

शिमला जिला के ठियोग में जल शक्ति विभाग पर वाटर सप्लाई में धांधली के आरोपों को लेकर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया है।

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उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ठियोग के अलावा विभाग के तीन अन्य डिवीजनों में भी इस तरह की अनियमितताओं की सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं, और इन पर भी जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ठियोग मामले में यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा

आरटीआई से सामने आई जांच की मांग

ठियोग मामले में आरटीआई से जो जानकारी सामने आई, उसके बाद स्थानीय विधायक कुलदीप सिंह राठौड़ और पूर्व विधायक राकेश सिन्हा ने इस मामले की जांच की मांग की थी। उन्होंने मुख्य सचिव से मिलकर ठियोग जल आपूर्ति मामले की पूरी जांच करवाने का अनुरोध किया।

मामले में आरोप लगाया गया है कि जलशक्ति विभाग ने पानी की आपूर्ति के नाम पर कुल करोड़ों रुपए के घोटाले को अंजाम दिया। आरोपों के अनुसार, ठियोग क्षेत्र में पानी की सप्लाई के लिए अत्यधिक धांधली और भ्रष्टाचार हुआ है।


वाटर सप्लाई के नाम पर घोटाला: आरोप और खुलासे

एक करोड़ 13 लाख रुपए का पानी

ठियोग के पूर्व माकपा विधायक राकेश सिंघा ने आरोप लगाया कि जलशक्ति विभाग ने ठियोग में एक करोड़ 13 लाख रुपए का पानी लोगों को आपूर्ति करने का दावा किया है। लेकिन असल में यह पानी बाइक, ऑल्टो कार, होंडा सिटी कार और यहां तक कि हॉर्टीकल्चर डायरेक्टर की बोलेरो जैसी गाड़ियों में ढोया गया। यह खुलासा न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि इसमें साफ तौर पर अनियमितता और धांधली के संकेत मिलते हैं।

बाइक पर पानी की आपूर्ति: कैसे संभव?

राकेश सिंघा ने यह भी आरोप लगाया कि जलशक्ति विभाग ने बाइक के जरिए भी पानी की आपूर्ति की है। जब ठेकेदार ने बिल पेश किए, तो इनमें बाइक, ऑल्टो कार, होंडा सिटी कार और बोलेरो जैसी गाड़ियों के नंबर दिए गए हैं। उनका कहना है कि इन गाड़ियों के जरिए पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो सकती, खासकर जब एक ही दिन में किसी गाड़ी को 500 से 1000 किलोमीटर की दूरी दिखायी गई।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पहाड़ी इलाकों में इतनी दूरी पूरी करना नामुमकिन है, और यह स्पष्ट रूप से एक फर्जीवाड़ा का हिस्सा लगता है।


मामले की गंभीरता और आगे की कार्रवाई

आरोपों की पूरी जांच होगी

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच करने की बात कही है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर धांधली या भ्रष्टाचार पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग न हो और लोगों तक साफ पानी की आपूर्ति की जाए।

निष्कलंक जांच और न्याय की उम्मीद

ठियोग जल आपूर्ति मामले ने एक गंभीर सिस्टम की विफलता को उजागर किया है, और अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद की जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि इस जांच के बाद सभी दोषियों को कठोर सजा मिलेगी और सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


ठियोग मामले पर प्रशासन की सख्ती

ठियोग में जल शक्ति विभाग पर लगे घोटाले के आरोपों ने प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती उत्पन्न की है। अब उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पहल पर यह साफ हो गया है कि इस मामले की निष्पक्ष और गहरी जांच की जाएगी। अगर आरोप सही पाए गए तो कड़ी सजा का प्रावधान होगा, ताकि भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार को रोका जा सके।

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