Loading...

38 वर्षों की सेवा पूरी कर सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुईं स्वास्थ्य शिक्षिका कृष्णा राठौर, संघर्ष और समर्पण बनी प्रेरणा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 6 Hours Ago • 1 Min Read

नाहन के स्वास्थ्य खंड धगेड़ा में कार्यरत स्वास्थ्य शिक्षिका कृष्णा राठौर 38 वर्षों से अधिक के गौरवपूर्ण सेवाकाल के बाद सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हो गईं। घने जंगलों के बीच प्रतिदिन 11 किलोमीटर पैदल चलकर शिक्षा प्राप्त करने वाली कृष्णा राठौर ने सामाजिक बंदिशों को चुनौती देते हुए स्वास्थ्य विभाग में अपनी अलग पहचान बनाई।

नाहन

कृष्णा राठौर की जीवन यात्रा संघर्ष, साहस और सफलता की प्रेरक मिसाल रही है। ऐसे समय में जब गुर्जर समाज में बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन नहीं मिलता था, उन्होंने तमाम सामाजिक विरोध और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी। गांव संभालका से कोलर स्कूल तक पहुंचने के लिए उन्हें प्रतिदिन घने जंगलों के बीच लगभग 11 किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ता था। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा का रास्ता नहीं छोड़ा और आगे बढ़ने का संकल्प कायम रखा।

सामाजिक दबाव के बावजूद नहीं रुकी शिक्षा

छठी कक्षा में प्रवेश लेने के बाद समाज की पंचायतें उनके घर तक पहुंच गईं और उनके पिता रूपराम चौधरी पर बेटियों की पढ़ाई बंद कराने का दबाव बनाया गया। इसके बावजूद उन्होंने समाज के दबाव के आगे झुकने से इनकार कर बेटियों की शिक्षा जारी रखने का निर्णय लिया। परिवार का यही साहसिक फैसला आगे चलकर कृष्णा राठौर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बना और समाज में बेटियों की शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का कारण भी बना।

स्वास्थ्य विभाग में निभाईं कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

कृष्णा राठौर ने 5 जून 1986 को राजकीय नर्सिंग प्रशिक्षण विद्यालय नाहन से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण शुरू किया। 23 जून 1988 को स्वास्थ्य उपकेंद्र चौकी (मृगवाल), राजपुरा ब्लॉक में पहली नियुक्ति मिलने के बाद उन्होंने माजरा, मातर, कांशीवाला, ईएसआई अस्पताल कालाअंब, कौलांवाला भूड़, क्यारी, देवका पुड़ला और सैनवाला सहित कई स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं। सेवा के दौरान उन्होंने स्नातक की पढ़ाई भी पूरी की तथा वर्ष 2010 में कोलकाता स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ से स्वास्थ्य शिक्षा में एक वर्षीय डिप्लोमा प्राप्त किया।

कोविड काल सहित जनस्वास्थ्य अभियानों में दिया उल्लेखनीय योगदान

7 अगस्त 2018 को स्वास्थ्य शिक्षिका के रूप में पदोन्नत होने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता, परिवार कल्याण, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नशा निवारण तथा कोविड-19 महामारी के दौरान भी उल्लेखनीय सेवाएं दीं। विदाई समारोह में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनीषा अग्रवाल ने उनकी कार्यनिष्ठा, अनुशासन और सकारात्मक सोच की सराहना करते हुए कहा कि उनके सेवानिवृत्त होने से कार्यालय में उनकी कमी हमेशा महसूस होगी। समारोह के अंत में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कृष्णा राठौर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल जीवन की कामना की।