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Sankashti Chaturthi 2025 : साल की पहली संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

हिमाचलनाउ डेस्क | 17 जनवरी 2025 at 7:35 am

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संकष्टी चतुर्थी 2025:
संकष्टी चतुर्थी, विशेष रूप से भगवान गणेश की पूजा का दिन होता है, जो हर महीने की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। गणेश जी की पूजा से जीवन की सभी समस्याओं का समाधान होता है और उनके आशीर्वाद से कार्यों में सफलता मिलती है। 2025 की पहली संकष्टी चतुर्थी 17 जनवरी को है। इस दिन विशेष रूप से लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी, जो माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को होती है। इस दिन सकट चौथ का व्रत भी मनाया जाता है, जो विशेष रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है।


संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त (Sankashti Chaturthi Shubh Muhurat)

  • चतुर्थी तिथि का आरंभ: 17 जनवरी 2025 को प्रातः 04:06 बजे
  • चतुर्थी तिथि का समापन: 18 जनवरी 2025 को प्रातः 05:30 बजे
  • चंद्रोदय का समय: 17 जनवरी को रात 09:09 बजे

संकष्टी चतुर्थी का व्रत 17 जनवरी 2025 को किया जाएगा, क्योंकि चतुर्थी तिथि का उदय इसी दिन होगा। पूजा के लिए सबसे शुभ समय चंद्रोदय के बाद होता है, जो रात 9:09 बजे होगा।


लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि

  1. व्रत का संकल्प: संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठें, स्नान करके व्रत का संकल्प लें। फिर पूजा स्थल पर बैठकर गणेश जी का ध्यान करें।
  2. पूजा की तैयारी: पूजा स्थल पर हरे या लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर रखें।
  3. गणेश जी का अभिषेक: सबसे पहले गणेश जी को जल अर्पित करें और उन्हें पीला चंदन लगाएं।
  4. अर्पण: अब गणेश जी को फूल, फल, रोली, अक्षत और 21 दूर्वा अर्पित करें। गणेश जी को लड्डू, मोदक और तिलकुट का भोग अर्पित करें।
  5. व्रत कथा: पूजा के बाद संकष्टी चतुर्थी की व्रत कथा का पाठ करें।
  6. आरती: अंत में गणेश जी की आरती करें।
  7. चंद्र दर्शन और अर्घ्य: शाम को चंद्रमा का दर्शन करें और उन्हें अर्घ्य दें। फिर व्रत का पारण करें।

गणेश जी के मंत्रों का जप

संकष्टी चतुर्थी के दिन विशेष कृपा प्राप्ति के लिए गणेश जी के मंत्रों का जप करें:

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  • वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ
    निर्विघ्नं कुरुमे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
  • एकदंताय शुद्धाय सुमुखाय नमो नमः
    प्रपन्न जनपालाय प्रणतार्ति विनाशिने।।
  • कदंताय विद्‍महे, वक्रतुंडाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात।।
  • ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा
  • ॐ गंग गणपतये नमो नमः

इन मंत्रों का जप करने से गणेश जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और व्रत का फल जल्दी मिलता है।


लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी का महत्व

संकष्टी चतुर्थी का व्रत विशेष रूप से गणेश जी के आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इस दिन किए गए व्रत और पूजा से सभी प्रकार के विघ्न, कष्ट और समस्याओं का समाधान होता है। खासकर लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है और कार्यों में बिना किसी विघ्न के सफलता प्राप्त होती है।



17 जनवरी 2025 को लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी का व्रत विशेष रूप से लाभकारी है। इस दिन गणेश जी की पूजा विधि से आपके जीवन में शांति, समृद्धि और सफलता आएगी। चंद्रमा को अर्घ्य देने और गणेश जी के मंत्रों का जाप करने से विशेष आशीर्वाद मिलेगा।

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