कांगड़ा
हिमाचल प्रदेश में मानसून की विनाशकारी आपदा ने भारी तबाही मचाई है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और स्थिति का आकलन किया। कांगड़ा पहुंचकर उन्होंने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं-अधिकारियों से मुलाकात की।
एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत
दोपहर बाद प्रधानमंत्री मोदी कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट पहुंचे। यहाँ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और कई वरिष्ठ मंत्री व अधिकारी मौजूद थे।
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प्रधानमंत्री का संदेश : हिमाचल के साथ खड़ी है केंद्र सरकार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “हम हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ मजबूती से खड़े हैं। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया गया है। इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को निरंतर सहयोग और सहायता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।”
उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा
एयरपोर्ट के बैठक हॉल में प्रधानमंत्री ने राज्य नेतृत्व और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्य सचिव, डीजीपी और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुखों ने उन्हें नुकसान के आकलन और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में दीर्घकालिक पुनर्निर्माण और संभावित राहत पैकेज पर चर्चा की गई।
विशेष राहत पैकेज की उम्मीद
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले ही केंद्र से इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और 10,000 करोड़ रुपये की अंतरिम राहत की मांग कर चुके हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री जल्द ही हिमाचल के लिए विशेष वित्तीय राहत पैकेज की घोषणा कर सकते हैं।
तबाही से जूझ रहा है प्रदेश
इस साल मानसून के दौरान बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं से राज्य में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो चुकी है। सड़कें, पुल, बिजली और पेयजल आपूर्ति जैसी बुनियादी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री के इस दौरे से प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्निर्माण में तेजी आने की उम्मीद जगी है।
आपदा ने तोड़ी देवभूमि की रीढ़
गौरतलब है कि इस बार मानसून के दौरान बादल फटने, भूस्खलन और आकस्मिक बाढ़ ने राज्य में अभूतपूर्व तबाही मचाई है। अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों करोड़ की सरकारी व निजी संपत्ति नष्ट हुई है। सड़कें, पुल, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा प्रभावित लोगों में नई उम्मीद जगाता है कि अब राहत व पुनर्निर्माण कार्य और तेज़ी से होंगे।
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