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जिला सिरमौर आबकारी विभाग को मिली बड़ी सफलता, 14500 लीटर लाहन बरामद

PARUL | 24 नवंबर 2023 at 5:25 pm

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जान पर खेल कर घने जंगलों में पहुंची विभाग की टीम, तीन जगह बनाई जा रही थी कच्ची शराब

HNN/पांवटा साहिब

राज्य कर एवं आबकारी विभाग जिला सिरमौर उप आयुक्त हिमांशु की टीम को अवैध शराब के मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विभाग की छापामार टीम के द्वारा पांवटा साहिब के टोका नगला के जंगलों में कच्ची शराब में इस्तेमाल होने वाला करीब 14500 लीटर कच्चा लाहन बरामद कर नष्ट कर दिया गया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उप आयुक्त हिमांशु तथा एएसटीईओ केएल वर्मा, भूपेंद्र अत्री आदि को इनपुट मिला कि टोका नागला के जंगल में कच्ची शराब बनाए जाने का बड़ा गोरख धंधा चल रहा है।

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लिहाजा बीते कल देर शाम तक एक विशेष रणनीति को बड़े ही गुप्त रूप से तैयार किया गया था। जिला प्रमुख के द्वारा रणनीति बनाई जाने के बाद सहायक उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी विभाग जिला सिरमौर केएल वर्मा, भूपेंद्र अत्री, कार्तिक, धनीराम के साथ नवाब अली, सतबीर, ओम प्रकाश, राकेश आदि कर्मियों को भी अटैच कर विशेष दस्ता तैयार किया गया। यह पूरा दस्ता अपनी जान को दांव पर लगाकर मिली गुप्त सूचना के आधार पर टोका नगला के घने जंगलों में उतर गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 4:30 किलोमीटर जंगल के भीतर जाने के बाद पूरी टीम के होश उड़ गए जब उन्होंने देखा कि बड़ी मात्रा में लाहन से भरे ड्रम को आग पर रखा गया है। यही नहीं इस जगह पर शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाला कच्चा सामान भी मौजूद था। टीम के द्वारा इस स्थान पर करीब 5000 लीटर तथा 1 किलोमीटर दूर दूसरी भट्टी पर 2000 लीटर लाहन बरामद कर नष्ट कर दिया गया। जंगल के बीच खतरनाक माहौल में टीम ने तीसरी जगह भी करीब 7500 लीटर कच्ची शराब का लाहन बरामद कर नष्ट किया गया।

बड़ी बात तो यह है कि इस तमाम कार्यवाही को अनजान देते हुए इसकी वीडियो ग्राफी भी की गई थी। हैरानी तो इस बात की है कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में हाल ही में हुई जहरीली शराब कांड के बाद लोग अभी भी अवैध शराब खरीदने और पीने से बाज नहीं आ रहे हैं। जानकारी तो यह भी है कि इस क्षेत्र के आसपास गन्ने का गुड़ बनाने की बहुत सारी चर्खिया है। इन चर्खियों से कच्ची शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाला गुड़ का कच्चा मैल बड़ी आसानी से और सस्ते रेट में मिल जाता है।

यही वजह है कि यहां घने जंगलों में कच्ची शराब बनाने का कारोबार करने वाले अवैध रूप से इस कार्य को अंजाम देते हैं। वहीं वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट पूर्व वन अधिकारी सुच्चा सिंह का कहना है कि इस पांवटा साहिब कालेशर के जंगलों में उत्तराखंड के हाथी सिर्फ कच्ची शराब के लाहन का स्वाद चखने के लिए हिमाचल में आते हैं।

उन्होंने बताया कि जंगली हाथी करीब 30 से 50 किलोमीटर दूर तक कच्ची शराब के लाहन की हवा के साथ आई खुशबू को सूघ लेता है। जंगली हाथी कच्ची शराब में प्रयुक्त होने वाले गुड़ के लाहन का बड़ा शौकीन होता है।

उन्होंने यह भी बताया कि यदि हाथी इस लाहन को अधिक मात्रा में पी जाए वह मदमस्त होकर आवासीय क्षेत्र में घुस जाता है। जिससे काफी नुकसान भी हो सकता है। बरहाल जिला सिरमौर राज्य कर एवं आबकारी विभाग की इस बड़ी सफलता को लेकर विभाग की चौकन्नी नजर भी जस्टिफाई हो जाती है। खबर की पुष्टि जिला सिरमौर राज्य कर एवं आबकारी विभाग उपयुक्त हिमांशु के द्वारा की गई है।

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