हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को सशक्त बनाने के लिए महत्वाकांक्षी ‘हिम उन्नति योजना’ शुरू की है। 150 करोड़ रुपये के बजट से यह योजना चरणबद्ध ढंग से लागू हो रही है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
क्लस्टर मॉडल से होगा विकास
योजना के तहत 40 बीघा या उससे अधिक कृषि भूमि वाले 1239 क्लस्टर्स की पहचान की गई है। इसमें 50 हज़ार किसानों को शामिल करते हुए 2600 किसान समूह बनाए जाएंगे। रसायन-मुक्त खेती और सीधे बाज़ार से जुड़ाव से किसानों की आमदनी में स्थायी बढ़ोतरी होगी।
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ऊना जिले पर विशेष फोकस
ऊना में कृषि विभाग नए क्लस्टर्स बनाने पर काम कर रहा है। वर्ष 2025-26 के लिए 33.50 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। हाल के वर्षों में 100 किसान समूह गठित किए जा चुके हैं और नए क्लस्टर्स की योजना भेज दी गई है।
रोज़गार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
क्लस्टर आधारित मॉडल से युवाओं के लिए कृषि-आधारित स्टार्टअप्स और रोज़गार के नए अवसर खुलेंगे। तकनीकी प्रशिक्षण, विपणन सहयोग और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री का विज़न
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कहना है कि प्रदेश की असली तरक्की तभी संभव है जब किसान समृद्ध हों। सरकार प्राकृतिक गेहूं 60 रुपये किलो और मक्की 40 रुपये किलो के भाव पर खरीद रही है, ताकि किसानों को मेहनत का उचित मूल्य मिले और वे जैविक खेती की ओर प्रेरित हों।
प्रशासन का आश्वासन
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि प्रशासन सुनिश्चित करेगा कि योजना का लाभ सभी पात्र किसानों तक पहुंचे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
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