सुंडी कीट ने मक्की की फसल को बर्बाद करना शुरू कर दिया है, जिससे किसानों में चिंता की लहर है। कृषि विभाग की दवा की सलाह के बावजूद कुछ किसान महंगे स्प्रे से बचाव नहीं कर पा रहे।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
फसल निकलते ही शुरू हुआ सुंडी का हमला
बंगाणा विकासखंड की कई पंचायतों में मक्की की फसल बीजने के बाद जैसे ही पौधे निकलने लगे, सुंडी कीट ने तुरंत हमला कर दिया। यह कीट रातोंरात एक खेत के कई पौधों को नुकसान पहुंचा रहा है।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
महंगे स्प्रे किसानों की पहुंच से बाहर
कृषि विभाग द्वारा सुझाई गई दवाइयां और छिड़काव के तरीके प्रभावी माने जा रहे हैं, लेकिन कई किसान इन महंगी दवाओं को खरीदने में असमर्थ हैं। ऐसे में वे देसी उपायों जैसे चूल्हे की धूल, खाद व रेत का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कृषि विभाग ने कोराजन दवा का किया सुझाव
कृषि उपनिदेशक कुलभूषण धीमान और कृषि प्रसार अधिकारी सतपाल धीमान ने प्रभावित पंचायतों का दौरा किया और ‘कोराजन’ नामक दवा के छिड़काव की सलाह दी। बताया गया कि यह दवा विभाग के पास सब्सिडी पर उपलब्ध है।
फॉल आर्मी कीट कितना खतरनाक?
फॉल आर्मी कीट मक्की की फसल के लिए अत्यंत विनाशकारी है। मादा कीट अपने जीवनकाल में लगभग 1000 अंडे देती है। प्रारंभिक चरण में यह पत्तों को छेदता है, फिर गोभ में घुसकर पत्तियों और तने को पूरी तरह नष्ट कर देता है।
कीट नियंत्रण के लिए सलाह
जिन पौधों को यह कीट पूरी तरह नष्ट कर चुका है, उन्हें खेत से हटाकर गड्ढे में दबाने की सलाह दी गई है। अन्य पौधों पर कोराजन दवा का छिड़काव करने से इस कीट पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
किसानों की मांग और सुझाव
किसानों ने कृषि विभाग से आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों का नियमित दौरा किया जाए और स्प्रे हेतु उपकरण तथा दवा सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाई जाएं ताकि वे इस कीट से अपनी फसल को बचा सकें।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





