HNN/राजगढ़
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने हाल ही में सालाना फीस में काफी वृद्धि की है। इस फीस में दिव्यांगों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ई डब्ल्यूएस आदि वर्ग के लिए किसी प्रकार की कोई छूट भी नहीं दी गई है। शिक्षा बोर्ड ने मैट्रिक के लिए सालाना परीक्षा शुल्क 500 से बढ़ाकर 850 रुपए, +2 के लिए 600 रुपए फीस और 200 रुपए माई ग्रेशन शुल्क बढ़ाकर कुल 1150 रुपए सालाना कर दिया है।
जबकि कंपार्टमेंट शुल्क 700 रुपए, मैट्रिक इंप्रूवमेंट शुल्क 850 रुपए और +2 इंप्रूवमेंट फीस 1150 रुपए और अतिरिक्त विषय शुल्क कक्षा 6 और 7 हेतु 550 से बढ़ाकर 700 रुपए कर दिया है। ऐसे में परीक्षा केंद्र रिटेंशन फीस का भी बोझ है और अभिभावकों पर परीक्षा शुल्क का बोझ बढ़ा दिया गया है। टर्म सिस्टम की समाप्ति के बाद परीक्षा साल में एक ही बार हो रही है, मगर शुल्क काफी बढ़ाए गए हैं।
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यह मांग राजकीय टीजीटी कला स्नातक संघ सिरमौर के अध्यक्ष विजेश अत्री, महासचिव मनोज भारद्वाज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील शर्मा, कोषाध्यक्ष अजय गुप्ता सहित समूची कार्यकारिणी ने प्रदेश सरकार से की है और शीघ्र ही से बढ़ी हुई फीस को कम करने का आग्रह किया। साथ ही संघ ने प्रदेश सरकार के उस निर्णय का स्वागत किया है।
जिसमें उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में वरिष्ठ प्रधानाचार्यों को ही जिला शिक्षा अधिकारी के अतिरिक्त चार्ज देने की व्यवस्था लागू करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। संघ ने कहा कि हाईकोर्ट ने कुलदीप डोगरा बनाम सरकार मामले में ऐसे निर्देश दिए थे। जिसे प्रदेश सरकार ने लागू किया और जूनियर की जगह सीनियर प्रिंसिपल को डीडीओ का अतिरिक्त चार्ज देने का निर्णय लागू किया है।
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