महिला विकास प्रोत्साहन योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के चंबी मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस राज्य स्तरीय समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण और प्रदेश के विकास को लेकर कई अहम घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री ने शाहपुर में सब-जज कोर्ट और डीएसपी कार्यालय खोलने की घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैत को राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल में परिवर्तित करने, गुरु रविदास भवन शाहपुर के निर्माण के लिए ₹25 लाख, दरीणी में जल शक्ति विभाग का नया सेक्शन खोलने और रिडकमर में 2000 लीटर क्षमता का बल्क मिल्क कूलर स्थापित करने की भी घोषणा की।
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इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने पीएचसी रिडकमर को सीएचसी बनाने, सिविल अस्पताल शाहपुर में ऑक्सीजन प्लांट लगाने, अल्ट्रासाउंड और डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया।
महिला कल्याण और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने पीएचसी लंज के नए भवन निर्माण, सिविल अस्पताल शाहपुर और पीएचसी नागनपट में डेंटिस्ट, पीएचसी चड़ी में डेंटल हाइजिनिस्ट की नियुक्ति की घोषणा की। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय लंज में बीसीए, बीवॉक और पीजीडीसीए कोर्स शुरू करने, राजकीय महाविद्यालय शाहपुर और आईटीआई शाहपुर का नामकरण पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के नाम पर करने, राजकीय उच्च विद्यालय भनाला का नाम शहीद पवन कुमार और पक्का टियाला से चौरी सड़क का नाम शहीद मिलाप सिंह जम्वाल के नाम पर करने की भी घोषणा की।
महिलाओं के अधिकार और सरकारी योजनाओं पर जोर
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी को दिया। उन्होंने कहा कि यह संशोधन महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक है और इससे महिलाओं को समाज में बराबरी का हक मिला है।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही, पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए आरक्षण बढ़ाकर 30% किया गया है।
राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं को होगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत महिलाओं को प्रति वर्ष ₹18,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसे भविष्य में सभी पात्र महिलाओं के लिए ₹1,500 मासिक किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि हर वर्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाया जाएगा, ताकि वे अपने कार्यों को बेहतर ढंग से कर सकें।
महिला सशक्तिकरण के लिए सम्मान समारोह
इस अवसर पर महिला विकास प्रोत्साहन योजना के तहत शिमला, रिकांगपिओ, कुमारसेन, मंडी और कांगड़ा जिले की महिलाओं को ₹1 लाख की धनराशि देकर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा, राज्य के 11 जिलों से सर्वश्रेष्ठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं, 12 जिलों से सर्वश्रेष्ठ स्वयं सहायता समूहों, 10वीं और 12वीं की मेधावी छात्राओं को भी नकद पुरस्कार वितरित किए गए।
प्रदेश सरकार का ध्यान शिक्षा और स्वास्थ्य पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है। हर विधानसभा क्षेत्र में छह-छह स्कूलों में सभी विषयों के अध्यापक नियुक्त किए जाएंगे, और जल्द ही तीन राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल तैयार किए जाएंगे।
इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रदेश सरकार ने 1800 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है, जिसके तहत दिल्ली एम्स की तर्ज पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं लागू की जाएंगी।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भाजपा सरकार की नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के आपदा राहत कोष के ₹10,000 करोड़ की सहायता को मंजूरी नहीं दी और भाजपा के सांसदों ने राज्य के लिए केंद्र से कोई मदद नहीं मांगी।
उन्होंने यह भी कहा कि एनपीएस के ₹9,000 करोड़, ओपीएस लागू करने के लिए ₹1,600 करोड़ की सहायता, और GST मुआवजे के ₹3,200 करोड़ को भी केंद्र सरकार ने रोक रखा है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है।
राज्य सरकार का बजट ग्रामीण विकास पर केंद्रित
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है और प्राकृतिक खेती से उत्पन्न गेहूं और मक्के की खरीद शुरू की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ सरकार ने कड़ा कदम उठाया है और अब तक 30% नशे में कमी आई है। नशे के धंधे में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और नशे से अर्जित संपत्ति को अटैच किया जा रहा है।
महिला खिलाड़ियों और स्वयं सहायता समूहों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कबड्डी की तीन राष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों, 16 उत्कृष्ट महिलाओं और एक गैर-सरकारी संगठन को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।
इसके साथ ही, मंडी, शिमला, पांवटा साहिब, चौंतड़ा, जुब्बल, नादौन और बमसन के स्वयं सहायता समूहों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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