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संजौली मस्जिद की अवैध मंजिलें गिराने को कोर्ट ने दी अंतिम चेतावनी, अन्य पर भी चला शिकंजा

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Himachalnow / शिमला

संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण पर दोबारा आदेश, समय सीमा बढ़ाई गई

नगर निगम आयुक्त की कोर्ट में शनिवार को अवैध निर्माण से जुड़े कुल 55 मामलों की सुनवाई हुई। इसमें सबसे चर्चित संजौली मस्जिद प्रकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। मस्जिद कमेटी को पहले 15 मार्च तक ऊपरी तीन मंजिलें गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया। अब कोर्ट ने अंतिम चेतावनी देते हुए 26 अप्रैल तक यह कार्य पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं।

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मस्जिद कमेटी ने मांगा अतिरिक्त समय, कार्य में बताई तकनीकी बाधाएं

सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी की ओर से बताया गया कि अवैध ढांचे को गिराने का कार्य जारी है, लेकिन रिहायशी इलाके में स्थित मस्जिद के कारण सावधानीपूर्वक काम करना पड़ रहा है। चारों ओर मकान होने की वजह से भारी मलबा हटाने में समय लग रहा है। इसलिए कमेटी ने कोर्ट से एक माह की मोहलत मांगी, जिस पर आयुक्त कोर्ट ने 26 अप्रैल तक का समय दिया है।

निचली मंजिलों का रिकॉर्ड भी हुआ तलब

कोर्ट ने मस्जिद की निचली दो मंजिलों के नक्शे और राजस्व रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करने को कहा है। यदि निर्धारित समय में यह दस्तावेज नहीं दिए जाते हैं, तो इन मंजिलों को भी अवैध मानते हुए हटाने के आदेश दिए जा सकते हैं। गौरतलब है कि इस सुनवाई में मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ अनुपस्थित रहे।

वक्फ बोर्ड ने मांगा समय, हाईकोर्ट में भी मामला विचाराधीन

वक्फ बोर्ड ने राजस्व रिकॉर्ड अपडेट करवाने के लिए नगर निगम से कुछ समय की मांग की है। इस संबंध में एक औपचारिक आवेदन उपायुक्त शिमला को सौंपा गया है। उधर, स्थानीय निवासियों की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने बताया कि यह मामला हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में भी लंबित है, जहां आने वाले सप्ताह में सुनवाई होनी है।

शिमला के अन्य क्षेत्रों में भी कार्रवाई, सात भवन मालिकों को नोटिस

कोर्ट ने शिमला के सात भवन मालिकों को भी अवैध निर्माण गिराने के निर्देश दिए हैं। इनमें माल रोड, कच्चीघाटी, लाल पानी, पुराना बस स्टैंड, कृष्णा नगर और छोटा शिमला जैसे क्षेत्रों के भवन शामिल हैं। इन मामलों में बिना अनुमति छज्जे बढ़ाना, सीढ़ियां बनाना और एटिक की ऊंचाई बढ़ाना शामिल है। आदेशों के तहत इन निर्माणों को तत्काल प्रभाव से हटाने को कहा गया है।

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