कस्तूरी बासमती धान की फसल में रोग के कारण पीलेपन और बौनेपन की समस्या, समय पर सावधानी न बरती गई तो पैदावार घटने का खतरा।
धौला कुआं
कस्तूरी बासमती पर ‘बकानी फुट रॉट’ रोग ने बढ़ाई किसानों की चिंता
सिरमौर जिले के निचले क्षेत्रों में उगाई जाने वाली कस्तूरी बासमती धान की फसल पर ‘बकानी फुट रॉट’ बीमारी का असर दिखाई दे रहा है। खेतों में फसल पीली और बौनी हो रही है, जिससे किसानों को उत्पादन में गिरावट की आशंका सताने लगी है।
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जिबरेला फुजीकोराई फंगस से फैल रहा यह रोग
कृषि विज्ञान केंद्र धौला कुआं के अनुसार यह रोग ‘जिबरेला फुजीकोराई’ नामक फफूंदी के कारण फैलता है। यह फसल की बढ़वार और गुणवत्ता दोनों पर असर डालता है। रोगग्रस्त पौधे कमजोर हो जाते हैं और उनकी वृद्धि रुक जाती है।
कृषि विज्ञान केंद्र ने बताए बचाव के उपाय
केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. पंकज ने बताया कि इस बीमारी से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि किसान प्रमाणित और रोगमुक्त बीज का इस्तेमाल करें। यदि फसल में रोग के लक्षण दिखें, तो उचित फफूंदनाशी का उपयोग कर इसे रोका जा सकता है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि कोई भी दवा प्रयोग करने से पहले कृषि विशेषज्ञों से परामर्श अवश्य लें।
नियमित निरीक्षण और समय पर कार्रवाई है जरूरी
विशेषज्ञों ने कहा कि यह रोग बासमती की उपज और गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए जरूरी है कि किसान अपनी फसल की नियमित निगरानी करें। रोग के संकेत दिखते ही तुरंत कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें ताकि समय रहते उचित उपचार किया जा सके। कृषि विज्ञान केंद्र धौला कुआं किसानों की सहायता के लिए तत्पर है।
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