जिला सिरमौर में नशा मुक्त हिमाचल अभियान को सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है। प्रशासन, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग मिलकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए काम कर रहे हैं।
नाहन
नशा मुक्त हिमाचल अभियान को मिल रहा व्यापक समर्थन
जिला सिरमौर में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर नशा मुक्त हिमाचल अभियान चलाया जा रहा है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, युवा सेवाएं, ग्रामीण विकास और खेल विभाग सहित सभी हितधारक शामिल हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
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जागरूकता है सबसे बड़ा हथियार
शिक्षण संस्थानों में चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा परामर्श सत्र आयोजित कर युवाओं को नशे के खतरों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पुलिस और स्काउट एंड गाइड द्वारा “जीवन ज्योति” अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत रैलियां, नुक्कड़ नाटक और परामर्श गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। किसानों को अफीम और भांग की अवैध खेती से जुड़े खतरों से भी अवगत कराया जा रहा है।
अवैध खेती और नशे के खिलाफ सख्त कदम
जिला स्तरीय समिति गठित कर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाया गया है। अवैध भांग और अफीम की खेती को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही प्राकृतिक रूप से उगी भांग को भी उखाड़ा जा रहा है।
उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं
नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों को चिकित्सा, परामर्श और पुनर्वास सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। जिला सिरमौर में 6 नशा मुक्ति केंद्र सक्रिय हैं। पांवटा साहिब और नाहन मेडिकल कॉलेज में ड्रग डी-एडिक्शन बेड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
युवाओं से आह्वान
समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए सहयोग और संवेदनशीलता जरूरी है। युवाओं से अपील है कि वे शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर हों और एक स्वस्थ, समृद्ध व सशक्त भारत निर्माण में योगदान दें।
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