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हिमाचल विधानसभा: आर्थिक स्थिति सुधरते ही मिलेगा डीए एरियर, सीएम सुक्खू का बयान

हिमाचलनाउ डेस्क | 19 मार्च 2025 at 4:46 pm

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हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) की तीन किस्तों का एरियर मिलना बाकी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार होने पर डीए के एरियर का पूरा भुगतान कर दिया जाएगा

कब-कब बढ़ा डीए?

सीएम सुक्खू ने बताया कि 1 जुलाई 2023 से 4%, 1 जनवरी 2024 से 4% और 1 जुलाई 2024 से 3% डीए बढ़ाया गया। यानी कुल 11% महंगाई भत्ता देय है। इसके अलावा, 1 जुलाई 2022 और 1 जनवरी 2023 के डीए एरियर का भुगतान भी अब तक नहीं हुआ

राज्य की वित्तीय स्थिति बनी बाधा

भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती के सवाल पर मुख्यमंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि वित्तीय स्थिति कमजोर होने के कारण डीए भुगतान में देरी हो रही है। सरकार बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए प्रयासरत है और जैसे ही स्थिति सुदृढ़ होगी, भुगतान किया जाएगा

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पुरानी पेंशन योजना (OPS) पर क्या कहा?

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली का मामला विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों पर अभी भी NPS (न्यू पेंशन स्कीम) लागू है। जनवरी 2022 से फरवरी 2025 तक बिजली बोर्ड से 248 कर्मचारी NPS के तहत सेवानिवृत्त हुए हैं

66 स्कूलों में विज्ञान संकाय बंद

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि 66 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में विज्ञान संकाय को शून्य नामांकन के कारण बंद कर दिया गया हैइन स्कूलों के 201 शिक्षकों को सरप्लस पूल में रखा गया है। उन्होंने कहा कि जहां पर्याप्त छात्र संख्या होगी, वहां संकाय बंद नहीं किए जाएंगे

कॉलेजों में सैकड़ों पद खाली

भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 37 प्रिंसिपल और 613 सह-आचार्य (एसोसिएट प्रोफेसर) के पद खाली हैं। हिमाचल में 141 डिग्री कॉलेज और 9 संस्कृत कॉलेज हैं, जिनमें कुल 2,783 स्वीकृत सह-आचार्य पदों में से 589 रिक्त हैं

सरकार के लिए वित्तीय चुनौतियां बनी बाधा

विधानसभा में डीए एरियर, पेंशन योजना और शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। सरकार ने आर्थिक सुधारों और बजट प्रबंधन को प्राथमिकता देने की बात कही, ताकि कर्मचारियों और शिक्षा क्षेत्र की मांगों को जल्द पूरा किया जा सके।

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