हिमाचल विधानसभा बजट सत्र: मातृ संबल योजना हुई सुख शिक्षा योजना में शामिल, शिक्षकों और नर्सों की भर्ती पर बड़ा अपडेट
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना को इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना में शामिल कर दिया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने विधानसभा में बताया कि इस योजना के तहत अब तक हजारों माताओं और बच्चों को लाभ दिया जा चुका है और यह लाभ आगे भी जारी रहेगा।
शिक्षकों की भारी कमी, कई स्कूलों में हिंदी शिक्षक नहीं
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जानकारी दी कि प्रदेश के 16 उच्च विद्यालयों में हिंदी शिक्षकों के पद नहीं हैं, जिससे 671 विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं। इनमें चंबा, हमीरपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सोलन के एक-एक स्कूल, मंडी और शिमला के तीन-तीन तथा कांगड़ा के पांच स्कूल शामिल हैं।
स्कूलों में गैर-शिक्षक कर्मचारियों के 7485 पद खाली
शिक्षा विभाग में गैर-शिक्षक कर्मचारियों के 7485 पद रिक्त हैं, जिन्हें पदोन्नति, नियमितिकरण और स्कूलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया के बाद भरा जाएगा। सितंबर 2023 में सरकार ने टीजीटी (आर्ट्स) के 1070, टीजीटी (नॉन-मेडिकल) के 776 और टीजीटी (मेडिकल) के 430 पदों को सीधी भर्ती से भरने की मंजूरी दी थी। इनमें से 1097 पद बैचवाइज, भूतपूर्व सैनिक और स्पोर्ट्स कोटे से भरे जा चुके हैं, जबकि 937 पदों को राज्य चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से भरा जाएगा।
कॉलेजों में छात्रों की स्थिति
राज्य के 141 कॉलेजों में कुल 90,456 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें शहरी क्षेत्रों के 31 कॉलेजों में 57,530 विद्यार्थी और ग्रामीण क्षेत्रों के 110 कॉलेजों में 32,926 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
नर्सों के 915 पद होंगे आउटसोर्स
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बताया कि विभाग में स्टाफ नर्सों के 1329 पद खाली हैं। कैबिनेट ने 915 पदों को आउटसोर्स से भरने का फैसला लिया है, जिनमें से 80 पद पहले ही भरे जा चुके हैं। बाकी पदों के लिए किसी एजेंसी का चयन नहीं हुआ है। आउटसोर्स नर्सों को 13,006 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है, जो अनुबंधित नर्सों से 8,298 रुपये और नियमित नर्सों से 22,538 रुपये कम है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नर्सों की सीधी भर्ती का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।