हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुए गोलीकांड के बाद पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने पहली बार बयान दिया है। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में उपचाराधीन ठाकुर ने आरोप लगाया कि उनके ऊपर हमला चिट्टा तस्करों ने किया है, जिन्हें भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल का संरक्षण प्राप्त है।
हमले में चिट्टा तस्करों का हाथ
बंबर ठाकुर ने कहा कि यदि प्रदेश में भाजपा सरकार होती, तो उनकी हत्या हो जाती। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में चिट्टा तस्करों की कोठियां मुख्यमंत्री से भी बड़ी हैं, जिन्हें कुर्क किया जाना चाहिए। ठाकुर ने कहा कि उन्होंने चिट्टे के खिलाफ अभियान चलाया था क्योंकि 2012-17 के बीच उनके बेटे को भी चिट्टे का शिकार बनाया गया था।
त्रिलोक जम्वाल पर गंभीर आरोप
ठाकुर ने आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनावों में त्रिलोक जम्वाल ने चिट्टा तस्करों का समर्थन किया और उनके खिलाफ खुलकर प्रचार किया। उन्होंने कहा कि उनकी जान को खतरा है और उन्होंने गन लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।
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भाई देवराज का बयान
बंबर ठाकुर के भाई देवराज ने कहा कि होली के दिन कुछ लोग मिलने आए, जिनमें से दो ने गोली चलाई। बंबर ने गाड़ी के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बंबर की चिट्टा विरोधी मुहिम के कारण यह हमला हुआ हो सकता है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बंबर ठाकुर खतरे से बाहर हैं और डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने भी दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
पुलिस जांच जारी
मामले में कुछ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पुलिस कार्रवाई जारी है। बंबर ठाकुर आईजीएमसी के विशेष वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
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